अजित पवार ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनाव से पहले शरद पवार गुट के साथ गठबंधन पर खुलासा किया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन पूर्व नियोजित नहीं था और स्थानीय मुद्दों पर फोकस चुनाव की प्राथमिकता है।
Mumbai: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को पिंपरी-चिंचवड और पुणे महानगरपालिकाओं के चुनावों को लेकर कई अहम बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में वैचारिक प्रतिबद्धता लगातार कमजोर हो रही है और अधिकतर पार्टियां अपने मूल सिद्धांतों को छोड़कर सिर्फ अपने समर्थन और वोट बढ़ाने की रणनीति अपनाती हैं। अजित पवार ने दावा किया कि नेताओं को प्रलोभन देकर या दबाव डालकर दल बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
राजनीति में वैचारिक गिरावट
अजित पवार ने आरोप लगाया कि आजकल राजनीति में खुलेआम धन और बाहुबल का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग अपने पाले में वोट लाने के लिए जातिगत मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे यही रणनीति अपना रहे हैं। उम्मीदवारों का मूल्यांकन उनकी चुनावी योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी लोकप्रियता और बाहुबल के आधार पर किया जा रहा है।’’
उन्होंने यह भी बताया कि अब उम्मीदवारों की लोकप्रियता को आंकने के लिए सर्वे का नया चलन शुरू हो गया है। इससे पता लगाया जाता है कि किसी क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार कौन है और अगर वह विपक्षी पार्टी का है, तो उसे अपने पाले में लाने की कोशिश की जाती है।
बीजेपी पर तीखी टिप्पणी
अजित पवार ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड में बीजेपी के स्थानीय नेतृत्व पर भी जुबानी हमला जारी रखा। उन्होंने कहा, ‘‘हाल के वर्षों में राजनीतिक दलों ने अपनी विचारधाराओं को लगभग त्याग दिया है। नेता अपनी सुविधा और स्वार्थ के अनुसार काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ से नौ वर्षों में भारी खर्च के बावजूद स्थानीय प्रशासन की दूरदर्शिता की कमी के कारण नगर निगम संकट में चला गया।
अजित पवार ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव नागरिकों के वास्तविक मुद्दों से जुड़े होते हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर बीजेपी के साथ सत्ता साझा करने के बावजूद एनसीपी नागरिक मुद्दों को सामने लाने का काम कर रही है।
NCP के शासन में पिंपरी-चिंचवड का योजनाबद्ध विकास
अजित पवार ने दावा किया कि NCP के शासन में 1992 से 2017 तक पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में योजनाबद्ध विकास हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे समय में सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और सक्षम नेतृत्व की वजह से निगम एशिया का सबसे समृद्ध नगर निकाय बन गया। हमें ऋण लेने या बॉण्ड जारी करने की जरूरत नहीं पड़ी।’’

उन्होंने कहा कि 2017 से 2022 तक बीजेपी के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन की समस्या सामने आई। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना, स्वच्छता अभियान और अपशिष्ट प्रबंधन में अनियमितताओं का भी आरोप लगाया।
अजित पवार ने बताया कि पिछली सरकार ने लगभग 60,000 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें प्रशासनिक खर्च लगभग 30-35 प्रतिशत यानी 20,000 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि 40,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य होने थे, लेकिन जमीनी स्तर पर वह दिखाई नहीं देते। सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसी परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार हुआ और लगभग 70 प्रतिशत कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।
यशवंतराव चव्हाण की राजनीति की सराहना
अजित पवार ने महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की राजनीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘वह विपक्षी दलों के नेताओं को भी समान सम्मान देते थे और बिना यह सोचे कि व्यक्ति विपक्ष से है या नहीं, धन वितरण करते थे।’’ अजित पवार ने चेताया कि आज के समय में इसमें बदले की राजनीति घर कर गई है, जो गलत है।
शरद पवार गुट के साथ गठबंधन पर खुलासा
पुणे और पिंपरी-चिंचवड में NCP और शरद पवार गुट के गठबंधन पर अजित पवार ने कहा कि यह पूर्व नियोजित नहीं था। उन्होंने बताया, ‘‘स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं को लगा कि साथ मिलकर चुनाव लड़ना फायदेमंद होगा, इस तरह यह गठबंधन बन गया।’’ उन्होंने मीडिया में चल रही NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान में उनका पूरा ध्यान अधिकतम सीटें जीतने पर है।
अजित पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं और वोटों की गिनती अगले दिन होगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल स्थानीय समस्याओं को उठाना और नागरिकों के सामने मुद्दों को रखना है।
लोकप्रियता सर्वे और चुनावी रणनीति
अजित पवार ने बताया कि अब उम्मीदवारों की लोकप्रियता का आंकलन सर्वेक्षण के जरिए किया जा रहा है। इसके तहत यह देखा जाता है कि किसी क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार कौन है और यदि वह विपक्षी पार्टी का है, तो उसे अपने पाले में लाने के प्रयास किए जाते हैं। इस रणनीति के जरिए स्थानीय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने का प्रयास होता है।
स्थानीय मुद्दों पर फोकस
अजित पवार ने जोर देकर कहा कि नगर निकाय चुनाव राज्य और राष्ट्रीय चुनावों से अलग होते हैं। मतदाता जानते हैं कि देश और राज्य की बागडोर किसे सौंपनी है, लेकिन नगर निगम चुनाव में स्थानीय समस्याएं और नागरिकों के मुद्दे प्राथमिकता में रहते हैं। उन्होंने कहा कि एनसीपी पुणे और पीसीएमसी में लोगों के सामने मुद्दों को लेकर पहुंच रही है और यही उनकी प्राथमिकता है।











