यूपी में विदेशी निवेश बढ़ाने को ‘मिशन FDI-UP’ का प्रस्ताव, सीएम योगी को भेजा पत्र

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने यूपी में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए ‘मिशन FDI-UP’, ग्लोबल इन्वेस्टर वार रूम और देशवार निवेश रणनीति का प्रस्ताव दिया है।

लखनऊ में भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए ‘मिशन FDI-UP’ शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने देशवार निवेश रणनीति और ग्लोबल इन्वेस्टर वार रूम बनाने का सुझाव भी दिया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को नई गति देने के उद्देश्य से सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने राज्य में ‘मिशन FDI-UP’ शुरू करने, ग्लोबल इन्वेस्टर वार रूम बनाने और प्रमुख निवेशक देशों को केंद्र में रखकर नई रणनीति तैयार करने की सिफारिश की है।

विदेशी निवेश में अन्य राज्यों से पीछे है उत्तर प्रदेश

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि विदेशी निवेश आकर्षित करने के मामले में उत्तर प्रदेश अभी कई बड़े राज्यों से पीछे है। उनके अनुसार वर्ष 2019 से दिसंबर 2025 के बीच महाराष्ट्र को 8.31 लाख करोड़ रुपये, कर्नाटक को 5.42 लाख करोड़ रुपये, गुजरात को 3.91 लाख करोड़ रुपये और दिल्ली को 3.26 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ।

यूपी में विदेशी निवेश बढ़ाने को ‘मिशन FDI-UP’ का प्रस्ताव, सीएम योगी को भेजा पत्र

वहीं इसी अवधि में उत्तर प्रदेश को केवल 23,158 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश मिला। विधायक का मानना है कि राज्य की विशाल आबादी, बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक आधार और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए निवेश की संभावनाएं इससे कहीं अधिक हैं।

‘मिशन FDI-UP’ के तहत बनाई जाए विशेष रणनीति

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुझाव दिया है कि राज्य सरकार विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन FDI-UP’ की शुरुआत करे। इसके तहत एक ग्लोबल इन्वेस्टर वार रूम स्थापित किया जाए, जो संभावित निवेशकों से लगातार संपर्क बनाए रखे और निवेश प्रस्तावों की निगरानी करे।

उन्होंने देशवार और कंपनीवार रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया है। उनके अनुसार जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, यूएई, सिंगापुर और ताइवान जैसे देशों को प्राथमिकता देकर निवेश आकर्षित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर फोकस की सलाह

विधायक ने अपने प्रस्ताव में कई ऐसे क्षेत्रों का उल्लेख किया है, जहां उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस, डाटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर शामिल हैं।

उन्होंने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) विकसित करने, क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक क्लस्टर बनाने और निवेश के लिए तैयार जिलों की पहचान करने की भी सिफारिश की है। उनका कहना है कि इससे निवेशकों को बेहतर माहौल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रवासी भारतीयों और वैश्विक ब्रांडिंग पर जोर

प्रस्ताव में प्रवासी भारतीयों के साथ मजबूत संपर्क तंत्र विकसित करने और राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग को और प्रभावी बनाने का सुझाव भी शामिल है। इसके अलावा निवेश करने वाली कंपनियों के लिए आफ्टरकेयर सिस्टम मजबूत करने पर भी बल दिया गया है, ताकि निवेशकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता है तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में विदेशी निवेश के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।

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