जमशेदपुर में कांग्रेस ने MMDR संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में धरना दिया। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने इसे झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया और राष्ट्रपति से विधेयक वापस लेने की मांग की।
जमशेदपुर: कांग्रेस ने केंद्र सरकार के MMDR संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ जिला मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बदलाव झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों को प्रभावित करेंगे। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विधेयक वापस लेने की मांग की।
जमशेदपुर में कांग्रेस ने किया धरना-प्रदर्शन
केंद्र सरकार के खान एवं खनिज विकास और विनियमन (MMDR) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन जारी है। इसी कड़ी में जमशेदपुर जिला मुख्यालय के सामने जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने की। प्रदर्शन में पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं की भी इसमें भागीदारी रही।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि MMDR संशोधन विधेयक के जरिए झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
बन्ना गुप्ता ने राज्य के आर्थिक हितों का मुद्दा उठाया
बन्ना गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित कानून के लागू होने से झारखंड के आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं। उनके मुताबिक, इसका असर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने झारखंड के भाजपा सांसदों और विधायकों से अपील की कि वे राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर राज्य के हित में विधेयक का विरोध करें।
अपने संबोधन के दौरान बन्ना गुप्ता ने भाजपा पर अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने श्रीराम मंदिर से जुड़ी आस्था के मामलों पर भी सवाल उठाए और भाजपा से जवाब मांगा।
कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय खां और रामाश्रय प्रसाद सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में MMDR संशोधन विधेयक 2026 को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने विधेयक को झारखंड के हितों से जोड़ते हुए इसका विरोध जारी रखने की बात कही। प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया।








