मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में युवाओं और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की तैयारी की जा रही है। सरकार मंत्रिमंडल को और युवा स्वरूप देने के लिए अधिक उम्र वाले कुछ मंत्रियों की संख्या कम कर सकती है।
Modi Cabinet Expansion 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रस्तावित बदलाव में सरकार के मंत्रिपरिषद को अधिक युवा और संतुलित स्वरूप देने पर जोर रहने की संभावना है। इसके साथ ही महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने और सहयोगी दलों को अधिक जगह देने की चर्चा भी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित कैबिनेट विस्तार में नए और युवा चेहरों को शामिल करने के साथ-साथ महिलाओं की संख्या बढ़ाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। वहीं, 70 वर्ष से अधिक उम्र के कुछ मौजूदा मंत्रियों को जिम्मेदारी से हटाकर उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
प्रस्तावित फेरबदल में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाना प्रमुख एजेंडा हो सकता है। वर्तमान में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सात महिला मंत्री हैं। संभावित विस्तार के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर कम से कम 12 किए जाने की योजना पर चर्चा चल रही है। महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का फैसला सरकार के सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि, अंतिम नामों और संख्या पर फैसला प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा।
सरकार के संभावित नए फॉर्मूले में मंत्रिमंडल को अधिक युवा स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। वर्तमान में 50 वर्ष से कम उम्र के मंत्रियों की हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी बताई जा रही है। प्रस्तावित बदलाव के बाद इसे बढ़ाकर लगभग 40 फीसदी करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस समय 50 वर्ष से कम उम्र के करीब 17 मंत्री हैं। इनमें 40 वर्ष से कम आयु के केवल दो राज्य मंत्री बताए जा रहे हैं। संभावित विस्तार में 40 वर्ष से कम उम्र के कम से कम पांच मंत्रियों को जगह देने की संभावना जताई जा रही है।
इस बदलाव का उद्देश्य युवा आबादी के बीच सरकार की राजनीतिक और प्रशासनिक छवि को मजबूत करना भी हो सकता है। खासकर ऐसे समय में जब युवा मतदाता चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, मंत्रिपरिषद में युवा चेहरों की संख्या बढ़ाना राजनीतिक रूप से अहम कदम माना जा रहा है।

70 साल से ज्यादा उम्र वाले मंत्रियों पर क्या फैसला?
संभावित कैबिनेट विस्तार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वरिष्ठ मंत्रियों को लेकर हो सकता है। मौजूदा मंत्रिपरिषद में 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 12 मंत्री बताए जा रहे हैं। इनमें से लगभग एक चौथाई मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा, 51 वर्ष से अधिक उम्र वाले मंत्रियों की संख्या भी कम करने की योजना पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। वर्तमान में करीब 65 फीसदी मंत्री इस आयु वर्ग में हैं। प्रस्तावित बदलाव के बाद यह अनुपात लगभग 50 फीसदी तक लाने की योजना बताई जा रही है।
हालांकि, उम्र किसी मंत्री को हटाने का एकमात्र आधार होगी, यह स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक अनुभव, मंत्रालय का प्रदर्शन, संगठन में भूमिका और आगामी चुनावी जरूरतें भी अंतिम फैसले में महत्वपूर्ण कारक हो सकती हैं।
सहयोगी दलों और चुनावी राज्यों पर भी नजर
कैबिनेट विस्तार में केवल उम्र और महिला प्रतिनिधित्व ही मुद्दा नहीं होगा। केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दलों को अधिक प्रतिनिधित्व देने और आगामी चुनाव वाले राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को साधने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, नए सहयोगियों को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए मंत्रियों की कुल संख्या को बढ़ाकर 75 किए जाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इससे गठबंधन के भीतर राजनीतिक संतुलन साधने में मदद मिल सकती है।









