मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की काम करने की भावना पवित्र (Pure Intentions) हो, तो ईश्वर भी उसकी मदद करते हैं।
CM Mohan Yadav: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 नवंबर को जंबूरी मैदान में आयोजित त्रिस्तरीय सरपंच संयुक्त मोर्चा महासम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में सरपंच के पास जो शक्तियां हैं, वे सांसद और विधायकों के पास नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं और उनके भरोसे से ही प्रदेश में विकास का कारवां चलता है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि निकायों से जुड़ी पंचायतों में ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जानी चाहिए जिससे आवश्यक अनुमतियों के साथ विकास कार्य निरंतर चलते रहें। उनका मानना है कि अगर काम करने की भावना पवित्र है तो उसमें ईश्वर भी मदद करते हैं।
सरपंच ही विकास की असली ताकत – सीएम डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था (Three-Tier Panchayat System) में एक सरपंच के पास जो शक्तियां हैं, वे किसी सांसद या विधायक के पास भी नहीं हैं। सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। उनके भरोसे ही प्रदेश में विकास का कारवां आगे बढ़ रहा है, सीएम ने कहा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पंचायतों के लिए अब तक 2472 अटल पंचायत भवन, 1037 सामुदायिक भवन, 106 जनपद पंचायत भवन और 5 जिला पंचायत भवन की मंजूरी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों में शांतिधाम (शवदाह गृह) निर्माण के लिए जिला प्रशासन सरपंचों की मदद करेगा।
2026 को कृषि वर्ष घोषित करेगा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि साल 2026 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि सरकार इसे “कृषि वर्ष (Year of Agriculture)” घोषित करने जा रही है। उन्होंने कहा,
'हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित हों और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण पर जोर दिया जाए। किसानों को उनकी हर फसल का उचित दाम मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।'
राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (Agro & Food Processing) उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि किसान अपनी उपज का मूल्य बढ़ा सकें और उत्पादों को फेंकने की नौबत न आए।

गांव-गांव में उद्योग और रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंचायतों के माध्यम से लघु उद्योग (Small Industries), कुटीर उद्योग (Cottage Industries) और रोजगार आधारित इकाइयों की स्थापना पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में सब्जियों और अन्य फसलों के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां खोली जा रही हैं और युवाओं को उद्यानिकी एवं प्रसंस्करण प्रशिक्षण (Horticulture & Food Processing Training) दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भर बने और गांवों से पलायन कम हो। डॉ. मोहन यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे गोपालन और पशुपालन (Animal Husbandry & Dairy Farming) को बढ़ावा दें, ताकि मध्यप्रदेश देश का दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य (Leading State in Milk Production) बन सके।
साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम (Lord Ram) से जुड़े सभी स्थलों की जानकारी पंचायतें उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें “श्रीराम वन गमन पथ (Shri Ram Van Gaman Path)” में शामिल किया जा सके। इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) से जुड़े सभी स्थलों को राज्य सरकार तीर्थस्थल (Pilgrimage Sites) के रूप में विकसित करेगी।
25 लाख तक के कार्यों की स्वायत्तता, लापरवाही पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंचायतों को 25 लाख रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी सचिव या सहायक सचिव द्वारा योजनाओं में लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी। हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन है। अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, सीएम ने कहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में दिल्ली में हुए कार विस्फोट (Delhi Car Blast Incident) पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।










