निमोनिया का असर सिर्फ सांसों पर नहीं, हड्डियों और जोड़ों पर भी पड़ता है

निमोनिया का असर सिर्फ सांसों पर नहीं, हड्डियों और जोड़ों पर भी पड़ता है

सर्दियों में तेजी से फैलने वाला निमोनिया अब सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शरीर की संपूर्ण कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह संक्रमण जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान और इम्यूनिटी की कमजोरी जैसी दिक्कतें भी पैदा कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

Pneumonia In Winter: सर्दियों में बढ़ते निमोनिया के मामले अब नई चिंताओं को जन्म दे रहे हैं। दिल्ली, गोरखपुर और कानपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जोड़ों, मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम पर भी असर डालती है। कमजोर प्रतिरक्षा, लंबे बेड रेस्ट और पौष्टिकता की कमी से संक्रमण के बाद रिकवरी धीमी हो जाती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि समय पर जांच और इलाज नहीं कराने पर यह आम सर्दी-जुकाम से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

गोरखपुर की रीजेंसी हॉस्पिटल में अटेंडिंग कंसलटेंट पीडियाट्रिक्स डॉ. तान्या चतुर्वेदी के अनुसार, सर्दियों में बच्चों में निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं। उनका इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता, जिससे संक्रमण आसानी से फेफड़ों तक पहुंच जाता है। इससे बुखार, सांस लेने में कठिनाई और सुस्ती जैसे लक्षण दिखते हैं। बच्चों को पर्याप्त आराम, पौष्टिक आहार और तरल पदार्थ देना जरूरी है। वहीं, बुजुर्गों में यह बीमारी इम्यूनिटी को कमजोर कर सकती है और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को धीमा कर देती है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान और वैक्सीन ही इसका सबसे कारगर बचाव है।

लापरवाही बन सकती है बड़ी गलती

कानपुर स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट पल्मनोलॉजी डॉ. संदीप काटयार का कहना है कि कई लोग निमोनिया को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। लगातार बुखार, ठंड लगना, सांस फूलना, सीने में दर्द और पीला या हरा कफ आना इसके स्पष्ट संकेत हैं। समय पर जांच और दवा का पूरा कोर्स बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण दोबारा न लौटे। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर उम्र के लोगों को सर्दियों में हाइड्रेशन बनाए रखना, पर्याप्त नींद लेना और इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले फूड्स को आहार में शामिल करना चाहिए।

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