गोवा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हाईवे का काम पूरा होने में 16-17 साल लग जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और उन्हें इस देरी पर शर्मिंदगी महसूस होती है।
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में हुई लंबी देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा होने में 16 से 17 वर्ष का समय लगना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस देरी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद होने वाले हाईवे के उद्घाटन कार्यक्रम में वह खुद शामिल नहीं होंगे।
गडकरी ने यह बयान गोवा के पर्वरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। इस मौके पर 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने मुंबई से कोंकण होते हुए गोवा तक जाने वाले हाईवे की स्थिति का जिक्र किया और परियोजना की धीमी प्रगति पर अधिकारियों तथा ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी।
16-17 साल की देरी पर जताई नाराजगी
मुंबई-गोवा हाईवे महाराष्ट्र और गोवा के बीच सड़क संपर्क के लिहाज से एक अहम परियोजना है। यह मार्ग मुंबई से कोंकण क्षेत्र होते हुए गोवा को जोड़ता है और पर्यटन, व्यापार तथा स्थानीय परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। नितिन गडकरी के मुताबिक, हाईवे का निर्माण पूरा होने में करीब 16 से 17 वर्ष लग गए। उन्होंने कहा कि किसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए इतनी लंबी अवधि लगना चिंता का विषय है।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस देरी को लेकर अपनी असहजता जाहिर की और कहा कि वह इसके उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे। गडकरी ने कहा कि परियोजना के दौरान कई ठेकेदार निर्धारित काम पूरा करने में सफल नहीं रहे। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में जवाबदेही तय करना जरूरी है ताकि भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में इस तरह की देरी दोबारा न हो।
ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत
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केंद्रीय मंत्री ने अपने विभाग में लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अब वह काम में अनावश्यक देरी या लापरवाही को स्वीकार नहीं करेंगे। गडकरी ने यह भी कहा कि उनके मंत्रालय ने सड़क क्षेत्र में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन अब वह ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में भी कड़ा उदाहरण स्थापित करना चाहते हैं।
उन्होंने अधिक संख्या में खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट या डिबार करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की बात कही। उनका संदेश स्पष्ट था कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी बड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं में समयसीमा और काम की गुणवत्ता दोनों से समझौता नहीं किया जा सकता।
90-95 फीसदी काम पूरा होने का दावा
गडकरी ने बताया कि मुंबई-गोवा हाईवे का करीब 90 से 95 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर हाल ही में समीक्षा बैठक भी हुई है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अक्टूबर में वह खुद मुंबई से गोवा तक सड़क मार्ग से यात्रा करेंगे। इस दौरान वह पूरे हाईवे का निरीक्षण करेंगे और परियोजना के बाकी काम तथा सड़क की स्थिति का जायजा लेंगे।
उनका यह दौरा परियोजना की जमीनी प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पश्चिमी भारत के प्रमुख सड़क संपर्क मार्गों में से एक है। यह मुंबई को महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और आगे गोवा से जोड़ता है। इस मार्ग का बेहतर और सुरक्षित होना स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों और माल परिवहन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हाईवे के निर्माण और चौड़ीकरण का उद्देश्य यात्रा का समय कम करना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और सड़क सुरक्षा में सुधार करना है। परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई, कोंकण और गोवा के बीच सड़क संपर्क अधिक सुगम होने की उम्मीद है।









