तर्पण करने गए थे, हो गया दाह संस्कार; मुजफ्फरपुर के औराई में बागमती में डूबने से सीतामढ़ी के बुजुर्ग की मौत

मुजफ्फरपुर के औराई में बागमती नदी में तर्पण करने पहुंचे सीतामढ़ी के बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
तर्पण करने गए थे, हो गया दाह संस्कार; मुजफ्फरपुर के औराई में बागमती में डूबने से सीतामढ़ी के बुजुर्ग की मौत
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मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में पितरों का तर्पण करने पहुंचे सीतामढ़ी निवासी एक बुजुर्ग के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। बागमती नदी में तर्पण के दौरान पैर फिसलने से बुजुर्ग गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। जिस धार्मिक अनुष्ठान के लिए परिवार नदी किनारे पहुंचा था, कुछ ही देर में वहां मातम पसर गया। तर्पण के लिए निकले बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने बुजुर्ग को बचाने का प्रयास किया। स्थानीय स्तर पर काफी देर तक नदी में उनकी तलाश की गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी जानकारी दी गई। काफी प्रयास के बाद बुजुर्ग के शव को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग सीतामढ़ी जिले से अपने परिजनों के साथ पितृपक्ष के दौरान तर्पण करने के लिए औराई पहुंचे थे। परिवार के लोग धार्मिक विधि-विधान के अनुसार बागमती नदी के किनारे तर्पण कर रहे थे। इसी दौरान बुजुर्ग नदी के पानी में गए। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वह गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूब गए।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग को खोजने की कोशिश शुरू कर दी। नदी में पानी का बहाव होने के कारण तलाशी अभियान में भी परेशानी आई। कुछ देर बाद शव मिलने पर परिजनों की उम्मीद टूट गई।

तर्पण के लिए पहुंचे परिवार को इस हादसे की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। परिजन जिस उद्देश्य से घर से निकले थे, वह घटना के बाद पूरी तरह बदल गया। तर्पण के लिए पहुंचे बुजुर्ग का नदी किनारे ही निधन हो गया और परिवार को उनके अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी।

पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए नदियों और धार्मिक स्थलों पर तर्पण व पिंडदान करने पहुंचते हैं। इस दौरान कई श्रद्धालु नदी में स्नान या तर्पण की विधि के लिए पानी के नजदीक जाते हैं। ऐसे में गहरे पानी और तेज बहाव वाले स्थानों पर सावधानी नहीं बरतने से हादसे का खतरा बना रहता है।

औराई में बागमती नदी का जलस्तर और नदी की गहराई कई जगह श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन सकती है। घाट के आसपास पानी की स्थिति हर जगह एक जैसी नहीं होती। कहीं पानी कम दिखाई देता है, लेकिन कुछ ही दूरी पर गहराई काफी अधिक हो सकती है। इसी कारण नदी में उतरने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत होती है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को नदी से निकालने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। परिवार की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की।

बुजुर्ग की मौत की खबर सीतामढ़ी स्थित उनके गांव और रिश्तेदारों तक पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजन बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे। घर में जहां पितरों के तर्पण की तैयारी थी, वहीं अचानक परिवार के ही एक सदस्य की मौत की खबर पहुंच गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सावधानी जरूरी है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को पानी के किनारे अकेले नहीं जाने देना चाहिए। नदी में उतरते समय पानी की गहराई और बहाव की जानकारी लेना भी महत्वपूर्ण है।

पितृपक्ष के दिनों में घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। दूर-दराज से लोग तर्पण और अन्य धार्मिक कर्मकांड के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, गहरे पानी वाले स्थानों की पहचान और लोगों को लगातार सावधान करने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

इस हादसे ने एक परिवार के लिए धार्मिक यात्रा को दुखद घटना में बदल दिया। जिस बुजुर्ग के साथ परिवार तर्पण करने पहुंचा था, उसी बुजुर्ग की बागमती में डूबने से मौत हो गई। तर्पण के बाद जिस परिवार को घर लौटना था, उसे बुजुर्ग के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी। घटना के बाद से परिजनों के बीच शोक का माहौल

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