नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने नागालैंड कनेक्ट 2026 कार्यक्रम में कॉर्पोरेट जगत और विकास साझेदारों से राज्य में निवेश बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागालैंड सहायता नहीं, बल्कि अवसरों और सतत विकास की नई संभावनाओं का केंद्र है।
कोहिमा: नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने देश के कॉरपोरेट क्षेत्र, विकास संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से राज्य को सहायता प्राप्त करने वाले क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि अवसरों और संभावनाओं के केंद्र के रूप में देखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नागालैंड तेजी से विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और यहां निवेश, नवाचार तथा साझेदारी के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
नई दिल्ली में आयोजित ‘नागालैंड कनेक्ट 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे सहयोगी मॉडल को बढ़ावा देना चाहती है, जिसमें सरकार, निजी क्षेत्र और विकास संगठन मिलकर सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि नागालैंड केवल पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य नहीं, बल्कि उभरते अवसरों, प्राकृतिक संसाधनों, युवा प्रतिभाओं और सामाजिक नवाचार का केंद्र बन सकता है।
‘नागालैंड कनेक्ट 2026’ का उद्देश्य क्या है?
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नागालैंड कनेक्ट 2026’ पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य को प्रभावशाली कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) परियोजनाओं के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार ऐसे साझेदारों को जोड़ना चाहती है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में योगदान देकर सकारात्मक बदलाव ला सकें।
उन्होंने कहा कि यह मंच विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाने का प्रयास है, ताकि राज्य में विकास की नई संभावनाओं को तलाशा जा सके। कार्यक्रम का मकसद केवल आर्थिक निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि ऐसे सामाजिक निवेश को बढ़ावा देना भी है जो स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार ला सके।
नागालैंड की बढ़ती क्षमता और विकास की संभावनाएं
नेफियू रियो ने अपने संबोधन में नागालैंड की बढ़ती आर्थिक और सामाजिक क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विविधता, पर्यटन, कृषि, हस्तशिल्प और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें तो राज्य में रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नागालैंड के युवा नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उन्हें सही संसाधन तथा मार्गदर्शन मिलने पर वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति उसे दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ व्यापारिक और आर्थिक संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती है।
CSR निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेट कंपनियों से आग्रह किया कि वे नागालैंड में CSR परियोजनाओं के माध्यम से दीर्घकालिक विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि CSR केवल सामाजिक दायित्व निभाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समुदायों के जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव लाने का अवसर भी प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में निवेश का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही कॉरपोरेट क्षेत्र को भी सामाजिक प्रभाव और दीर्घकालिक साझेदारी के रूप में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है जो समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देते हैं।
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सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म से आसान होगी साझेदारी
निवेश और CSR परियोजनाओं को सुगम बनाने के लिए नागालैंड सरकार ने विशेष व्यवस्था भी की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि Investment and Development Authority of Nagaland (IDAN) ने CSR साझेदारियों को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समर्पित सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म स्थापित किया है।
इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य परियोजनाओं के समन्वय, निगरानी और क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके माध्यम से निवेशकों और विकास संगठनों को विभिन्न सरकारी विभागों के साथ तालमेल बैठाने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को बढ़ावा देगी, जिससे परियोजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सकेगा।
लोगों और संभावनाओं में निवेश का आह्वान
नेफियू रियो ने कॉरपोरेट जगत और विकास एजेंसियों से कहा कि वे केवल परियोजनाओं में ही नहीं, बल्कि लोगों और उनकी क्षमताओं में भी निवेश करें। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास किसी भी राज्य की दीर्घकालिक प्रगति की आधारशिला होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, उद्यमिता और सामुदायिक नेतृत्व को बढ़ावा देकर नागालैंड को विकास के नए आयाम दिए जा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
उनके अनुसार, सामाजिक विकास और आर्थिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों क्षेत्रों में संतुलित निवेश से ही व्यापक परिवर्तन संभव है।
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा
‘नागालैंड कनेक्ट 2026’ कार्यक्रम में देशभर से कॉरपोरेट प्रतिनिधि, CSR विशेषज्ञ, विकास संस्थानों के अधिकारी और नीति निर्माता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
प्रतिभागियों ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता को जोड़कर राज्य में प्रभावी विकास मॉडल तैयार किए जा सकते हैं। इस तरह के सहयोग से न केवल स्थानीय समुदायों को लाभ मिलेगा, बल्कि विकास परियोजनाओं का प्रभाव भी अधिक व्यापक और स्थायी होगा।
पूर्वोत्तर भारत के विकास में नागालैंड की बढ़ती भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि नागालैंड पूर्वोत्तर भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन संभावनाएं, जैव विविधता और युवा आबादी राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं।
राज्य सरकार की पहल यह संकेत देती है कि नागालैंड पारंपरिक सहायता मॉडल से आगे बढ़कर साझेदारी आधारित विकास मॉडल अपनाना चाहता है। इससे राज्य में रोजगार, सामाजिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।











