नाहरलागुन पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास और घर से कुल 28.49 ग्राम संदिग्ध हेरोइन तथा ₹12,900 नकद बरामद हुए। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नाहरलागुन पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने एक विशेष कार्रवाई के दौरान 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 28.49 ग्राम संदिग्ध हेरोइन और नकदी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार बरामद नकदी को प्रारंभिक जांच में मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन माना जा रहा है।
यह कार्रवाई राज्य में बढ़ती नशा तस्करी की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था या नहीं।
गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें एक युवक द्वारा नशीले पदार्थों की बिक्री और वितरण से संबंधित विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने नाहरलागुन के डी-सेक्टर क्षेत्र में रहने वाले 21 वर्षीय सन्नी ताबा को हिरासत में लिया। कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के तहत अंजाम दिया गया। तलाशी की पूरी प्रक्रिया स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी की गई ताकि जांच की पारदर्शिता बनी रहे। पुलिस का कहना है कि सूचना इतनी सटीक थी कि कार्रवाई के दौरान तुरंत महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे।
मौके पर तलाशी में मिली हेरोइन की 19 शीशियां
संदिग्ध युवक की प्रारंभिक तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से 19 शीशियां बरामद हुईं। इन शीशियों में मौजूद पदार्थ को प्रथम दृष्टया हेरोइन माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर बरामद पदार्थ का कुल वजन लगभग 20.08 ग्राम पाया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी सामग्री को जब्त कर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। नशीले पदार्थों की इतनी मात्रा मिलने के बाद पुलिस को संदेह हुआ कि आरोपी के पास और भी मादक पदार्थ हो सकते हैं। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया।
घर की तलाशी में मिली अतिरिक्त खेप
प्रारंभिक बरामदगी के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर उसके घर पहुंची, जहां विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। नाहरलागुन के डी-सेक्टर स्थित आवास की जांच के दौरान अधिकारियों को सात और शीशियां मिलीं, जिनमें भी संदिग्ध हेरोइन रखी हुई थी।
इन अतिरिक्त शीशियों में मौजूद पदार्थ का वजन लगभग 8.41 ग्राम पाया गया। इस बरामदगी के बाद कुल जब्त मादक पदार्थ की मात्रा 28.49 ग्राम तक पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी बरामद सामग्री को सुरक्षित रूप से सील कर साक्ष्य के तौर पर संरक्षित किया गया है। साथ ही आगे की जांच के लिए नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजे जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
नकदी भी हुई जब्त
मादक पदार्थों के अलावा पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12,900 रुपये नकद भी बरामद किए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धन नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त हो सकता है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नकदी के स्रोत की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी। वित्तीय लेनदेन और आरोपी के संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों के मामलों में आर्थिक गतिविधियों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इससे पूरे नेटवर्क की संरचना का पता लगाने में मदद मिलती है।
आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया गया है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि बरामद हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसका वितरण किन क्षेत्रों में किया जा रहा था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी इस गतिविधि में शामिल थे। मोबाइल फोन, संपर्क सूची और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच भी की जा सकती है ताकि नेटवर्क से जुड़े संभावित व्यक्तियों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जाएगी।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज
नाहरलागुन पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि एफआईआर संख्या 70/2026 के तहत धारा 21(बी), 27 और 29 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इन धाराओं में मादक पदार्थों के कब्जे, सेवन और अवैध गतिविधियों में संलिप्तता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं यदि अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं।
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज
अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में हाल के वर्षों में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार संयुक्त कार्रवाई कर रही हैं ताकि अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए खुफिया सूचनाओं, तकनीकी निगरानी और स्थानीय समुदाय के सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। नाहरलागुन में हुई यह कार्रवाई भी ऐसे ही प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
युवाओं को नशे से बचाने पर जोर
सामाजिक संगठनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का मानना है कि नशीले पदार्थों का बढ़ता उपयोग युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसलिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान भी आवश्यक हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार शिक्षा, परामर्श और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। इससे न केवल मांग में कमी लाई जा सकती है बल्कि अवैध तस्करी नेटवर्क को भी कमजोर किया जा सकता है।
नाहरलागुन पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











