नागालैंड की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव हुआ, जब नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के सभी 5 विधायक सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) में शामिल हो गए। इस विलय के बाद 60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा में NPF के विधायकों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है।
कोहिमा: पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड में 1 अक्टूबर 2026 को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के सभी पांच विधायकों ने सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) का दामन थाम लिया। इस बदलाव के बाद 60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा में NPF की ताकत बढ़कर 39 विधायकों तक पहुंच गई है। इस घटनाक्रम से राज्य के राजनीतिक समीकरण में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री और NPF के अध्यक्ष नेफ्यू रियो ने पांचों विधायकों के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया।
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पांचों विधायकों ने 1 अक्टूबर को NPF के साथ विलय की सूचना दी थी। यह प्रक्रिया भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत पूरी की गई। इसके साथ ही नागालैंड में सत्तारूढ़ दल की विधानसभा में संख्या पहले की तुलना में और मजबूत हो गई है।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की मौजूदगी में NPF में शामिल हुए विधायक
दीमापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान NPP के पांचों विधायक औपचारिक रूप से NPF में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के साथ पार्टी के महासचिव अचुम्बेमो किकोन और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। NPF ने देर रात जारी बयान में इस राजनीतिक घटनाक्रम की पुष्टि की और नए सदस्यों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि पांचों विधायकों का पार्टी में शामिल होने का फैसला नागा लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। उनके अनुसार, इस कदम से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। NPF नेतृत्व ने भी इसे राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।
NPP छोड़कर NPF में जाने वाले पांच विधायक कौन हैं?

नागालैंड विधानसभा सचिवालय की संशोधित पार्टी-संबद्धता सूची में पांचों विधायकों के नाम दर्ज किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- ए. न्यामन्येई कोन्याक: मोका विधानसभा क्षेत्र के विधायक और NPP के प्रदेश अध्यक्ष।
- नुक्लुतोशी: अर्काकोंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक।
- सी. किपिली संगतम: सेयोचुंग-सितिमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक।
- त्सेइलहौतुओ रुत्सो: कोहिमा टाउन विधानसभा क्षेत्र के विधायक।
- बेनेई एम. लैमथियू: थोनोकन्यू विधानसभा क्षेत्र के विधायक।
विधानसभा सचिव ख्रुओहितुओनुओ रियो की ओर से जारी बुलेटिन में विलय की तारीख 1 अक्टूबर दर्ज की गई। इस घटनाक्रम के बाद पांचों विधायकों की पार्टी संबद्धता बदलकर NPF हो गई है।
पहले भी बदल चुके हैं नागालैंड के राजनीतिक समीकरण
नागालैंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान राजनीतिक दलों के बीच गठजोड़ और विलय की घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे पहले नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) के विधायक दल के विलय के बाद NPF को विधानसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला था। अब NPP के सभी पांच विधायकों के शामिल होने से सत्तारूढ़ दल की संख्या में एक बार फिर वृद्धि हुई है।
इस घटनाक्रम से राज्य विधानसभा में दलों के बीच संख्यात्मक संतुलन प्रभावित हुआ है। हालांकि, इसका प्रशासनिक नीतियों और सरकार के कामकाज पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
नागालैंड विधानसभा में अब किस दल के कितने विधायक?
NPP के पांच विधायकों के NPF में शामिल होने के बाद विधानसभा में दलों की स्थिति में बदलाव आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, NPF के पास 39 विधायक हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 12 सदस्य हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के दो-दो विधायक हैं। जनता दल (यूनाइटेड) का एक सदस्य और चार निर्दलीय विधायक भी विधानसभा में मौजूद हैं।
इस तरह NPF विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर चुकी है। NPP के पांचों विधायकों का विलय राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।











