नालंदा में खेत जाने के दौरान करंट ने ली किसान की जान घर से निकले थे फसल देखने रास्ते में झटका लगते ही जमीन पर गिरे

नालंदा में घर से खेत की ओर जा रहे किसान की करंट लगने से मौत हो गई। रास्ते में बिजली के संपर्क में आते ही किसान जमीन पर गिर पड़े, हादसे से गांव में मातम है।
नालंदा में खेत जाने के दौरान करंट ने ली किसान की जान घर से निकले थे फसल देखने रास्ते में झटका लगते ही जमीन पर गिरे
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बिहार के नालंदा जिले में करंट लगने से एक किसान की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। किसान घर से अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक बिजली के संपर्क में आने से उन्हें जोरदार करंट लगा और वह जमीन पर गिर पड़े। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचकर उन्हें संभालते और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश करते, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी मातम का माहौल है।

बताया जा रहा है कि किसान रोज की तरह अपने घर से खेत की तरफ जा रहे थे। खेती-किसानी से जुड़े काम के लिए उनका खेत की ओर जाना सामान्य दिनचर्या का हिस्सा था। रास्ते में अचानक करंट की चपेट में आने के बाद वह संभल नहीं सके और वहीं गिर पड़े। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीणों ने जब किसान को जमीन पर गिरा देखा तो तत्काल उनके पास पहुंचे और उन्हें बचाने की कोशिश शुरू की।

करंट लगने की घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बिजली के स्रोत से दूरी बनाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की। इसके बाद किसान को अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। किसान की मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

ग्रामीण इलाकों में खेतों तक जाने वाले रास्तों के आसपास बिजली के तार, पोल और कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल होने वाली विद्युत व्यवस्था को लेकर समय-समय पर हादसे सामने आते रहे हैं। नालंदा में भी इससे पहले बिजली के तार के संपर्क में आने से लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं। सितंबर में जिले के नालंदा थाना क्षेत्र में जमीन पर टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग किसान की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी। वहीं परवलपुर थाना क्षेत्र में भी कृषि कार्य के लिए लगाए गए बिजली के तार के संपर्क में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई थी।

इस तरह के हादसों में सबसे बड़ा खतरा खेतों और ग्रामीण रास्तों के आसपास टूटे या झुके हुए बिजली के तारों से रहता है। कई बार बारिश के दौरान जमीन गीली होने के कारण करंट फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर बिजली की व्यवस्था की नियमित जांच और खराब तारों की समय पर मरम्मत बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

नालंदा में हुए इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। किसान खेती के काम के लिए सुबह से शाम तक खेतों में आते-जाते रहते हैं। ऐसे में रास्ते में किसी तरह का विद्युत खतरा उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। खेत जाने वाले रास्ते पर अगर बिजली का तार या कोई विद्युत उपकरण खराब स्थिति में हो तो उसकी जानकारी समय रहते विभाग तक पहुंचाना जरूरी है।

हादसे के बाद मृतक किसान के परिवार के सामने अब आर्थिक और पारिवारिक संकट भी खड़ा हो गया है। खेती पर निर्भर परिवार के लिए कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत का असर लंबे समय तक रह सकता है। परिजनों के बीच जहां एक तरफ मौत का दुख है, वहीं दूसरी तरफ परिवार के भविष्य को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।

पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में शव का पोस्टमार्टम कराया जाता है और उसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाता है। हादसे की वास्तविक वजह और बिजली के संपर्क में आने की परिस्थितियों की जांच भी की जा सकती है। यदि विद्युत विभाग की किसी लापरवाही या तकनीकी खराबी की बात सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

नालंदा समेत बिहार के ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्य के दौरान बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए किसानों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी खेत या रास्ते में टूटे तार दिखाई देने पर उसके पास जाना या उसे हटाने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद ही सुरक्षित तरीके से स्थिति को संभाला जाना चाहिए।

इस घटना के बाद गांव में किसान की मौत को लेकर लोगों के बीच शोक है। जिस रास्ते से किसान रोज खेत की ओर जाते थे, वही रास्ता उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। परिवार और ग्रामीण इस अचानक हुई मौत से सदमे में हैं। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तारों और कृषि क्षेत्रों के आसपास विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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