NEET-UG पेपर लीक और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल होने के कारण पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे युवाओं और छात्रों के लिए कांग्रेस ने कानूनी सहायता हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है।
नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदर्शन में शामिल होने के कारण पुलिस कार्रवाई, FIR या कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे युवाओं की सहायता के लिए कांग्रेस ने एक विशेष कानूनी हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल के लिए सामाजिक कार्यकर्ता और युवा आवाज के रूप में पहचान रखने वाली गुरमेहर कौर को प्रमुख भूमिका दी गई है।
कांग्रेस का कहना है कि इस हेल्पलाइन का उद्देश्य उन छात्रों और युवाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाना है, जिनके खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने के बाद मामले दर्ज किए गए हैं या जिन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने इस अभियान को युवाओं की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए इसे ‘छात्रों की गूंज’ (CKG) लीगल SOS नाम दिया है। कांग्रेस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 98118-67474 उपलब्ध कराया गया है।
छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस ने 27 जुलाई 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा करते हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। पार्टी ने कहा कि वह छात्रों के खिलाफ हिंसा और कानूनी कार्रवाई के आरोपों की निंदा करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरमेहर कौर ने दावा किया कि बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया गया था कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों को हिरासत में नहीं लिया जाएगा और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पश्चिम बंगाल और बिहार सहित कुछ राज्यों में छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्यक्रम में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ और बिहार से जुड़ी यूथ कांग्रेस पदाधिकारी रिचा सिंह भी मौजूद थीं। दोनों नेताओं ने छात्र आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। बाद में बिहार सरकार ने घोषणा की कि छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, इन मामलों की कानूनी स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आगे के घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
राहुल गांधी ने गृह मंत्रालय पर उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद में भी उठाने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर जवाब मांगा। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और छात्रों को अपनी मांगें रखने का अधिकार होना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े तर्कों को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक, युवाओं के भविष्य और विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कौन हैं गुरमेहर कौर?
गुरमेहर कौर एक लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा मुद्दों पर अपनी राय रखने वाली सार्वजनिक शख्सियत हैं। उन्हें शिक्षा, शांति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता के लिए जाना जाता है। वह एक सैन्य परिवार से आती हैं और उनका बचपन पंजाब सहित विभिन्न स्थानों पर बीता। उन्होंने भारत में शिक्षा प्राप्त करने के बाद विदेश में भी पढ़ाई की। सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के जरिए वह युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी बात रखती रही हैं।
गुरमेहर कौर को इस अभियान का चेहरा बनाकर कांग्रेस ने युवाओं, विशेषकर Gen-Z मतदाताओं और शहरी छात्र समुदाय तक पहुंचने की रणनीति अपनाई है। पार्टी का मानना है कि युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा की पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर अधिक सक्रिय हो रही है।










