आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकरा रेड्डी पर लगाए गए कथित अवैध खनन आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कोवूर विधायक वेमिरेड्डी प्रशांति रेड्डी ने आरोपों को खारिज करते हुए YSRCP नेताओं पर राजनीतिक हताशा में दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।
नेल्लोर: आँध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकरा रेड्डी के खिलाफ कथित अवैध खनन के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कोवूर की विधायक वेमिरेड्डी प्रशांति रेड्डी ने गुरुवार को YSRCP नेताओं के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने नेल्लोर स्थित VPR के कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री अनिल कुमार यादव और पूर्व विधायक नल्लापारेड्डी प्रसन्न कुमार रेड्डी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया। विधायक ने इन दावों को राजनीतिक हताशा से प्रेरित “झूठा प्रचार” बताया। प्रशांति रेड्डी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश के निर्देश पर मीडिया के सामने तथ्यों को रख रही हैं।
हालांकि, उपलब्ध सामग्री में जिन YSRCP नेताओं के आरोपों का उल्लेख किया गया है, उनकी ओर से प्रशांति रेड्डी के जवाब पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
अनिल कुमार यादव पर साधा निशाना
प्रशांति रेड्डी ने पूर्व मंत्री अनिल कुमार यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में हार के बाद अनिल यादव “विश्वासघात की राजनीति” का सहारा ले रहे हैं।
विधायक ने दावा किया कि अनिल कुमार यादव पहले वेमिरेड्डी प्रभाकरा रेड्डी से मदद की गुहार लगा चुके हैं। प्रशांति रेड्डी के अनुसार, उस समय उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें सहायता नहीं मिली तो उनकी स्थिति बेहद खराब हो जाएगी।
अब प्रशांति रेड्डी का आरोप है कि वही नेता राजनीतिक कारणों से प्रभाकरा रेड्डी के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने इन आरोपों को राजनीतिक निराशा से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि जनता को पूरे मामले के तथ्यों को समझना चाहिए।
प्रभाकरा रेड्डी के खनन कारोबार पर दावा
प्रशांति रेड्डी ने अपने बयान में वेमिरेड्डी प्रभाकरा रेड्डी की कारोबारी पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रभाकरा रेड्डी के पास देशभर में करीब 50,000 करोड़ रुपये के वैध खनन अनुबंध हैं।
विधायक के अनुसार, प्रभाकरा रेड्डी ने वित्तीय रूप से सफल होने के बाद राजनीति में प्रवेश किया और उनका उद्देश्य लोगों की सेवा करना था।
यह दावा प्रशांति रेड्डी की ओर से दिया गया है और उपलब्ध स्रोत में स्वतंत्र रूप से इन खनन अनुबंधों के मूल्य या उनकी वैधता की पुष्टि करने वाला कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
2024 में क्वार्ट्ज कारोबार में प्रवेश का दावा
प्रशांति रेड्डी ने स्वीकार किया कि VPR समूह ने वर्ष 2024 में कुछ समय के लिए क्वार्ट्ज उद्योग में प्रवेश किया था।
उनके अनुसार, इस कदम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना था। हालांकि, उन्होंने कहा कि समूह ने विवाद से बचने के लिए वर्ष 2025 में इस कारोबार से खुद को अलग कर लिया।
विधायक ने इस कदम को स्थानीय रोजगार पैदा करने की कोशिश से जोड़ा, लेकिन बाद में समूह द्वारा कारोबार से हटने की वजह के रूप में विवाद से बचने का उल्लेख किया।
प्रसन्न कुमार रेड्डी पर भी लगाए आरोप
प्रशांति रेड्डी ने पूर्व विधायक नल्लापारेड्डी प्रसन्न कुमार रेड्डी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि तालमांची, पंचेडु और राजूपलेम क्षेत्रों में कथित अवैध खनन को लेकर vigilance reports तैयार की जा रही हैं।
हालांकि, उपलब्ध स्रोत में इन कथित रिपोर्टों की विस्तृत जानकारी, उनकी तारीख या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं दी गई है।
इसलिए इन दावों को फिलहाल प्रशांति रेड्डी द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
स्थानीय निकाय चुनावों का भी जिक्र
विधायक प्रशांति रेड्डी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता राजनीतिक साजिश के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता ऐसी कथित साजिशों को खारिज कर देंगे।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब खनन से जुड़े आरोप ने नेल्लोर की राजनीति में नया विवाद पैदा किया है।
मुख्यमंत्री और मंत्री के निर्देश का हवाला
प्रशांति रेड्डी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश के निर्देश पर मीडिया के सामने अपना पक्ष रख रही हैं।
उन्होंने अपने बयान में VPR के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक प्रचार बताया और प्रभाकरा रेड्डी के कारोबार तथा राजनीतिक गतिविधियों का बचाव किया।
विधायक के अनुसार, प्रभाकरा रेड्डी ने राजनीति में आने से पहले ही वित्तीय सफलता हासिल कर ली थी और उनका राजनीतिक प्रवेश लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से हुआ।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में खनन
नेल्लोर में खनन गतिविधियों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं। एक ओर YSRCP नेताओं द्वारा सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकरा रेड्डी पर कथित अवैध खनन से जुड़े आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, वहीं कोवूर विधायक प्रशांति रेड्डी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि आरोपों का उद्देश्य राजनीतिक रूप से प्रभाकरा रेड्डी को निशाना बनाना है। साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री अनिल कुमार यादव और पूर्व विधायक प्रसन्न कुमार रेड्डी पर भी जवाबी आरोप लगाए।
हालांकि, उपलब्ध स्रोत में YSRCP नेताओं द्वारा लगाए गए मूल आरोपों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी तरह, प्रशांति रेड्डी द्वारा लगाए गए जवाबी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध नहीं है।
आगे बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
स्थानीय निकाय चुनावों से पहले खनन का मुद्दा राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण हो सकता है। BJP और सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेताओं की ओर से सांसद प्रभाकरा रेड्डी के बचाव में दिए जा रहे बयान तथा YSRCP नेताओं के आरोप इस विवाद को और बढ़ा सकते हैं।
प्रशांति रेड्डी ने स्पष्ट किया कि BJP जनता से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगी और उन्होंने मतदाताओं से राजनीतिक साजिशों को खारिज करने की अपील की।
फिलहाल विवाद का केंद्र सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकरा रेड्डी के खिलाफ कथित अवैध खनन के आरोप और उनके समर्थन में विधायक प्रशांति रेड्डी द्वारा दिया गया जवाब है। आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच, आधिकारिक दस्तावेजों और दोनों राजनीतिक पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करेगी।











