कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के फैसले के बाद मोदी और शाह पर राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने का दबाव बनाया। उन्होंने इसे गांधी परिवार को परेशान करने की कोशिश बताया।
New Delhi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के हालिया फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया है। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से इंकार करना मोदी और शाह के लिए एक “तमाचा” है। खरगे ने इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई गांधी परिवार को परेशान करने के लिए की गई थी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
दिल्ली की अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन के आरोप पर संज्ञान लेने से इंकार किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई पर्याप्त प्रमाण नहीं है, जिससे आरोप पत्र पर कार्यवाही की जा सके। इस फैसले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव और द्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किया गया। इसे गांधी परिवार को सताने के लिए किया गया था। इसमें न तो कोई ठोस प्रमाण है और न ही प्राथमिकी में वास्तविकता है। अब इस फैसले के बाद मोदी और शाह को इस्तीफा दे देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि यह कदम दर्शाता है कि सत्ता का दुरुपयोग किया गया और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाई गई।
अभिषेक सिंघवी का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने नेशनल हेराल्ड मामले को जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में न तो कोई संपत्ति का हस्तांतरण हुआ और न ही किसी प्रकार का धन लेनदेन हुआ, ऐसे में धन शोधन के आरोपों का कोई आधार नहीं है। सिंघवी ने कहा, ‘‘यह मामला द्वेष और लापरवाही से भरा हुआ है। अदालत का फैसला दर्शाता है कि सत्ता के दबाव के बावजूद संविधान ने अंतिम प्रभाव दिखाया।’’
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक घटक भी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने बार-बार यह आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले का इस्तेमाल विपक्ष को निशाना बनाने के लिए किया। खरगे ने कहा कि मोदी और शाह को अपने पद से इस्तीफा देकर यह साबित करना चाहिए कि भविष्य में वे किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक विरोधी को परेशान करने का प्रयास नहीं करेंगे।











