NTPC ने रद्द किया ₹413 करोड़ का BESS टेंडर, आज होगी NTPC और GR Infraprojects के शेयरों पर नजर

NTPC और GR Infraprojects के ₹413 करोड़ के BESS प्रोजेक्ट से जुड़ी खबर सामने आई है। टेंडर विवाद के बीच आज NTPC और GR Infra के शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनियों में शामिल एनटीपीसी (NTPC) ने जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स (GR Infraprojects) को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने शनिवार को जानकारी दी कि उसने 400 करोड़ रुपये का टेंडर रद्द कर दिया है। 

NTPC GR Infraprojects: सरकारी बिजली कंपनी NTPC ने महाराष्ट्र के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन से जुड़े 400 MWh Battery Energy Storage System (BESS) प्रोजेक्ट का ठेका GR Infraprojects से समाप्त कर दिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत ₹413.37 करोड़ थी। कंपनी के इस फैसले के बाद सोमवार, 21 सितंबर को शेयर बाजार में NTPC और GR Infraprojects के शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं।

NTPC ने क्यों रद्द किया कॉन्ट्रैक्ट?

NTPC के मुताबिक, GR Infraprojects प्रोजेक्ट से जुड़ी संविदात्मक जिम्मेदारियों को पूरा करने और निर्धारित प्रगति हासिल करने में सफल नहीं रही। कंपनी ने कहा कि मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर 400 MWh BESS प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई और इसमें पर्याप्त देरी हुई।यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 में GR Infraprojects को दिया गया था। 

कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इसकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू ₹413.37 करोड़ थी और इसे Appointed Date से 15 महीने के भीतर पूरा किया जाना था। अप्रैल 2026 में NTPC और GR Infraprojects के बीच EPC एग्रीमेंट भी साइन हुआ था। NTPC ने कहा कि उसने ठेकेदार को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए संविदात्मक नोटिस दिया था। 

इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट को समाप्त करने का फैसला लिया गया। NTPC ने उपलब्ध सिक्योरिटीज के तहत करीब ₹91 करोड़ की राशि भी भुना ली है और प्रोजेक्ट को दोबारा टेंडर करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात सामने आई है।

GR Infraprojects ने क्या कहा?

इस पूरे मामले में GR Infraprojects का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। कंपनी ने इससे पहले NTPC को अपने स्तर से कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने का नोटिस दिया था। अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में GR Infraprojects ने Force Majeure यानी अप्रत्याशित परिस्थितियों, War Risk और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया था।कंपनी ने मामले के लिए उपलब्ध dispute resolution mechanism को लागू करने की बात कही है और अपने संविदात्मक अधिकार सुरक्षित रखे हैं। 

GR Infraprojects ने यह भी बताया कि इस टर्मिनेशन का वित्तीय प्रभाव फिलहाल आकलन के दौर में है। इसलिए दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

सोमवार को शेयर बाजार में क्या होगा?

अब निवेशकों की नजर 21 सितंबर के कारोबारी सत्र में GR Infraprojects के शेयर पर रहेगी। करीब ₹413 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट का समाप्त होना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कारोबारी घटनाक्रम है। हालांकि शेयर की वास्तविक प्रतिक्रिया कई अन्य बाजार कारकों, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों की धारणा पर भी निर्भर करेगी।

वहीं NTPC के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के कुल कारोबार के मुकाबले सीमित आकार का है। इसलिए केवल इस प्रोजेक्ट के समाप्त होने से NTPC के शेयर पर असर का अनुमान लगाना पर्याप्त नहीं होगा। बाजार में कंपनी के अन्य कारोबार, बिजली उत्पादन, कैपिटल एक्सपेंडिचर और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम भी शेयर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।

क्या है 400 MWh BESS प्रोजेक्ट?

Battery Energy Storage System यानी BESS बिजली को बैटरी में स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल करने वाली तकनीक है। इसका महत्व खास तौर पर तब बढ़ जाता है जब बिजली व्यवस्था में सौर और पवन जैसी Renewable Energy की हिस्सेदारी बढ़ती है। मौदा में प्रस्तावित 400 MWh BESS प्रोजेक्ट NTPC के थर्मल पावर स्टेशनों पर ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने और ग्रिड में Renewable Energy के बेहतर एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी। रिपोर्टों के मुताबिक, NTPC इसे ग्रिड फ्लेक्सिबिलिटी मजबूत करने वाली परियोजनाओं में शामिल कर रहा था।

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