Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए रोजगार पैदा करेगा। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से डेटा सेंटर्स, चिप फैक्ट्रियों और ट्रेड जॉब्स में बड़ी मांग बढ़ेगी, जिससे स्किल्ड वर्कर्स को बेहतर कमाई के अवसर मिलेंगे।
AI Jobs Future: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग ने कहा कि AI से नौकरियों के खत्म होने का डर पूरी तरह सही नहीं है। उन्होंने बताया कि AI के तेजी से विस्तार के कारण डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा निर्माण होगा। इससे न सिर्फ टेक प्रोफेशनल्स बल्कि प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और टेक्नीशियन जैसे स्किल्ड वर्कर्स के लिए भी नए रोजगार पैदा होंगे, क्योंकि AI को चलाने के लिए मजबूत फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी।
डेटा सेंटर्स और फैक्ट्रियों से बनेगी नई नौकरियां
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान बोलते हुए Jensen Huang ने कहा कि AI को चलाने के लिए जिस तरह के विशाल डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों की जरूरत होगी, वह इतिहास का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार साबित हो सकता है. इसमें चिप प्लांट्स, AI यूनिट्स और हाई-टेक सर्वर सिस्टम शामिल होंगे.
इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए सिर्फ इंजीनियर्स ही नहीं, बल्कि प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, स्टील वर्कर्स और कंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट्स की भी भारी मांग होगी. यानी AI बूम से टेक सेक्टर के साथ-साथ ट्रेड जॉब्स को भी सीधा फायदा मिलेगा.

ट्रेड जॉब्स की सैलरी में होगी बड़ी उछाल
Nvidia CEO का दावा है कि आने वाले वर्षों में कई स्किल्ड ट्रेड जॉब्स की सैलरी पारंपरिक टेक जॉब्स के बराबर या उनसे ज्यादा हो सकती है. पहले जिन्हें मैनुअल जॉब्स कहा जाता था, वे अब हाई-डिमांड और हाई-पेइंग प्रोफेशन बन सकते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि चिप फैक्ट्रियों और डेटा सेंटर्स में काम करने वाले टेक्नीशियन और इलेक्ट्रिकल एक्सपर्ट्स छह अंकों यानी सालाना एक लाख डॉलर से ज्यादा कमा सकते हैं. इससे साफ है कि AI की दुनिया सिर्फ लैपटॉप पर काम करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी.











