प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18वें रोजगार मेले में 61 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत उनके जीवन में नई खुशियां लेकर आई है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 61,000 से अधिक नव-नियुक्त युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत उनके जीवन में नई खुशियों और नई जिम्मेदारियों का आरंभ है। उन्होंने इसे केवल नौकरी नहीं, बल्कि “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समय युवाओं को संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला है। उन्होंने बताया कि यह सप्ताह देश के लिए विशेष महत्व रखता है- 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस, 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के लिए गर्व का विषय है।
‘नियुक्ति पत्र राष्ट्र निर्माण का संकल्प’
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आप सभी को जो नियुक्ति पत्र मिले हैं, वे केवल सरकारी नौकरी का कागज नहीं हैं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी का संकल्प पत्र हैं।” उन्होंने कहा कि इन युवाओं में से कई देश की सुरक्षा को मजबूत करेंगे, कुछ शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएंगे और कुछ प्रशासनिक ढांचे को नई ऊर्जा देंगे।
उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि आज के दिन ही भारत ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था, जो देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।
दुनिया के सबसे युवा देशों में भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं के लिए देश और दुनिया दोनों में नए अवसर पैदा हों। उन्होंने बताया कि भारत सरकार कई देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट कर रही है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए रास्ते खुल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आज दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स हैं, जिनमें लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। भारत की क्रिएटर इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है और वैश्विक स्तर पर भारत पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसने एक दशक में अपनी जीडीपी को दोगुना किया है। 100 से अधिक देश एफडीआई के जरिए भारत में निवेश कर रहे हैं, जिससे रोजगार के अनगिनत अवसर बन रहे हैं।

8,000 से अधिक बेटियों को मिली नौकरी
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि इस रोजगार मेले में 8,000 से अधिक बेटियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश की वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है और महिला स्वरोजगार की दर में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से एक मैन्युफैक्चरिंग पावर बन रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में 2014 के बाद छह गुना वृद्धि हुई है, जबकि ऑटोमोबाइल सेक्टर भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली इंडस्ट्रीज में शामिल हो गया है। इससे देश की क्रय शक्ति बढ़ी है और आम लोगों को टैक्स सुधारों का लाभ मिला है।
‘नागरिक देवो भवः’ का मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में नव-नियुक्त कर्मचारियों को एक विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है, जिसका लक्ष्य जीवन और कारोबार को आसान बनाना है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से आत्ममंथन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जो समस्याएं कभी आपको या आपके माता-पिता को सरकारी दफ्तरों में झेलनी पड़ी हों, उन्हें आप अपने कार्यकाल में दोहरने न दें।” प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि चाहे प्रधानमंत्री हो या सरकार का छोटा कर्मचारी, हम सभी देश के सेवक हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम सबके लिए एक ही मंत्र होना चाहिए—‘नागरिक देवो भवः’। इसी भावना के साथ काम करेंगे तो शासन भी बेहतर होगा और देश भी मजबूत बनेगा।











