पाकिस्तान के कराची में रमजान के दौरान गंभीर गैस संकट सामने आया है। शहर के 70 प्रतिशत से ज्यादा इलाकों में गैस सप्लाई प्रभावित हो गई है, जिससे सेहरी और इफ्तार की तैयारी के समय लाखों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
Pakistan: पाकिस्तान में रमजान के पवित्र महीने के बीच जनता को एक नए संकट का सामना करना पड़ रहा है। देश के सबसे बड़े शहर कराची में गंभीर गैस की किल्लत सामने आई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि शहर के 70 प्रतिशत से ज्यादा इलाकों में गैस सप्लाई ठप हो चुकी है। रमजान के दौरान जब परिवारों को सेहरी और इफ्तार की तैयारी करनी होती है, उसी समय गैस की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार यह संकट केवल स्थानीय स्तर का नहीं है बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के आसपास बने हालात की वजह से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर भी पड़ रहा है जो ऊर्जा आयात पर काफी हद तक निर्भर हैं।
मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है।
इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने और संभावित नाकाबंदी की खबरों के बाद कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान भी उन्हीं देशों में शामिल है जो आयातित गैस पर निर्भर हैं। आयात में रुकावट आने के कारण देश की गैस वितरण प्रणाली पर भारी दबाव पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार कराची में गैस की कमी का मुख्य कारण यही आयात संकट है। इससे शहर की गैस सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई है और कई इलाकों में गैस पूरी तरह बंद हो गई है।
बिना सूचना बदला गया सप्लाई शेड्यूल
कराची के लोगों की नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी है कि गैस कंपनी ने सप्लाई शेड्यूल में बदलाव की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की। सुई सदर्न गैस कंपनी (Sui Southern Gas Company – SSGC) पर आरोप है कि उसने चुपचाप गैस आपूर्ति का नया समय तय कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया कि गैस किस समय आएगी और कब बंद होगी। इस वजह से लोगों के लिए अपनी दिनचर्या की योजना बनाना बेहद मुश्किल हो गया है।
गैस की कमी के कारण कई घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। खासतौर पर रमजान के महीने में जब हर घर में सुबह जल्दी सेहरी और शाम को इफ्तार की तैयारी करनी होती है, उस समय गैस का न होना लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।

सीमित समय के लिए मिल रही गैस
सूत्रों के अनुसार फिलहाल गैस की सप्लाई केवल कुछ घंटों के लिए ही दी जा रही है। बताया जा रहा है कि सुबह लगभग 3:30 बजे से 6 बजे तक सेहरी के लिए गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा दोपहर 3:30 बजे से शाम 7 बजे तक इफ्तार से पहले गैस की सप्लाई की जा रही है।
हालांकि कई लोगों का कहना है कि इन तय घंटों के दौरान भी गैस का प्रेशर बेहद कम रहता है। कम प्रेशर के कारण गैस चूल्हे पर खाना बनाना लगभग असंभव हो जाता है। कई परिवारों को सेहरी और इफ्तार के समय भी ठीक से खाना तैयार करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार गैस आती ही नहीं या बहुत कम समय के लिए आती है। इससे घरों में रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
कराची के कई इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
कराची के कई बड़े इलाके इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार क्लिफ्टन, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी, नॉर्थ कराची, फेडरल बी एरिया, गुलबर्ग और ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में हालात ज्यादा खराब हैं। इन क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गैस की सप्लाई बेहद अनियमित हो गई है। कभी-कभी गैस कुछ समय के लिए आती है लेकिन उसका प्रेशर इतना कम होता है कि खाना पकाना संभव नहीं होता।
कई परिवारों ने बताया कि उन्हें सुबह जल्दी उठकर यह उम्मीद करनी पड़ती है कि शायद गैस आ जाए ताकि सेहरी तैयार की जा सके। वहीं शाम को इफ्तार के समय भी यही स्थिति बनी रहती है।
महंगाई के बीच बढ़ा आर्थिक बोझ
गैस संकट का असर केवल घरेलू कामों तक सीमित नहीं है बल्कि इससे लोगों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ गया है। जिन घरों में गैस नहीं आ रही है वहां परिवारों को एलपीजी सिलिंडर या बिजली से चलने वाले कुकिंग उपकरणों का सहारा लेना पड़ रहा है।
एलपीजी सिलिंडर पहले से ही महंगे हैं और बिजली की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में आम परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च उठाना आसान नहीं है। रमजान के महीने में खाने-पीने और अन्य जरूरतों पर पहले ही ज्यादा खर्च होता है। लोगों का कहना है कि महंगाई पहले से ही बहुत ज्यादा है और अब गैस संकट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई परिवारों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
पारदर्शिता की कमी पर लोगों का गुस्सा
कराची के कई निवासियों ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि अगर गैस सप्लाई में बदलाव किया गया था तो इसकी जानकारी पहले ही सार्वजनिक करनी चाहिए थी।
लोगों का कहना है कि पारदर्शिता की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि उन्हें पहले से सही जानकारी मिल जाती तो वे अपनी दिनचर्या उसी के अनुसार व्यवस्थित कर सकते थे।








