Om Birla ने संसद की महत्वपूर्ण समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की है। इसके तहत K. C. Venugopal को एक बार फिर लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
नई दिल्ली: भारतीय संसदीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के तहत लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने विभिन्न संसदीय समितियों के नए अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की है। यह नियुक्तियां 2026-27 के कार्यकाल के लिए की गई हैं, जिनका उद्देश्य संसदीय निगरानी और प्रशासनिक पारदर्शिता को और मजबूत करना है।
इस बार सबसे अहम नियुक्तियों में कांग्रेस नेता K. C. Venugopal को पुनः लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee - PAC) का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि बीजेपी सांसद Baijayant Panda को सार्वजनिक उपक्रम समिति (Public Undertakings Committee - PSU Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
PAC अध्यक्ष बने केसी वेणुगोपाल
K. C. Venugopal को एक बार फिर संसद की सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय निगरानी समिति—लोक लेखा समिति (PAC)—की जिम्मेदारी दी गई है। यह समिति सरकार के व्यय, लेखा और वित्तीय पारदर्शिता की जांच करती है। PAC का कार्यकाल 1 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक निर्धारित किया गया है। इस समिति में कुल 21 सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें 15 लोकसभा और 6 राज्यसभा सांसद हैं।
PAC के प्रमुख सदस्य
लोकसभा और राज्यसभा से शामिल प्रमुख सदस्यों की सूची इस प्रकार है:
- लोकसभा सदस्य:
- टी. आर. बालू
- कल्याण बनर्जी
- निशिकांत दुबे
- जगदंबिका पाल
- जय प्रकाश
- रविशंकर प्रसाद
- सी. एम. रमेश
- मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी
- अपराजिता सारंगी
- अमर सिंह
- तेजस्वी सूर्या
- अनुराग सिंह ठाकुर
- बालाशोवरी वल्लभनेनी
- के. सी. वेणुगोपाल
- धर्मेंद्र यादव
- राज्यसभा सदस्य:
- अशोक राव शंकरराव चव्हाण
- के. लक्ष्मण
- प्रफुल्ल पटेल
- सुखेंदु शेखर रे
- अखिलेश प्रसाद सिंह
- सुधांशु त्रिवेदी
Baijayant Panda को सार्वजनिक उपक्रम समिति (PSU Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह समिति सरकारी कंपनियों के प्रदर्शन, संचालन और दक्षता की निगरानी करती है। इस समिति में कुल 22 सदस्य होंगे, जिनमें 15 लोकसभा और 7 राज्यसभा सांसद शामिल हैं। PSU समिति का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में जवाबदेही और प्रदर्शन सुधार सुनिश्चित करना है।
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अन्य महत्वपूर्ण समितियों का गठन
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने कई अन्य महत्वपूर्ण संसदीय समितियों का भी गठन किया है:
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति
- अध्यक्ष: Faggan Singh Kulaste
- कुल सदस्य: 30 (लोकसभा और राज्यसभा दोनों से)
- प्राक्कलन समिति (Estimates Committee)
- अध्यक्ष: Sanjay Jaiswal
- सदस्य संख्या: 30 (20 लोकसभा + 10 राज्यसभा)
भारतीय संसदीय प्रणाली में समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से PAC को “संसद की सबसे शक्तिशाली वित्तीय निगरानी समिति” माना जाता है, क्योंकि यह सीधे सरकारी खातों की समीक्षा करती है।










