असम के राजनीतिक परिदृश्य से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल मामला अब देश की शीर्ष अदालत तक पहुंच गया है। Pawan Khera, जो Indian National Congress के वरिष्ठ नेता हैं, ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया है।
नई दिल्ली: Pawan Khera ने Gauhati High Court द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब Supreme Court of India का रुख किया है। यह मामला Himanta Biswa Sarma की पत्नी से जुड़े विवाद से संबंधित है, जिसमें खेड़ा को कानूनी राहत की जरूरत है। गुवाहाटी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में खेड़ा ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की है। अब इस मामले में अंतिम राहत मिलने की उम्मीद शीर्ष अदालत के फैसले पर टिकी हुई है।
मामला क्या है?
यह मामला असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sharma से जुड़े आरोपों से संबंधित है। Pawan Khera ने आरोप लगाया था कि उनके पास कई पासपोर्ट हैं और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं। इन बयानों के बाद Assam Police ने 6 अप्रैल को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।Gauhati High Court ने इस मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक हो सकती है।
न्यायमूर्ति पार्थिवज्योति सैकिया ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया और कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला जाली दस्तावेजों और संवेदनशील आरोपों से जुड़ा है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जांच प्रक्रिया में बाधा आने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट का रुख
हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद Pawan Khera अब Supreme Court of India पहुंच चुके हैं। इससे पहले उन्होंने Telangana High Court में भी याचिका दायर की थी, जहां उन्हें अंतरिम राहत मिली थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी और उन्हें असम में ही उचित न्यायालय का रुख करने को कहा।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। Bharatiya Janata Party ने Pawan Khera के आरोपों को निराधार और मानहानिकारक बताया है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हो सकती है।









