PM E-DRIVE स्कीम 2028 तक बढ़ी: इलेक्ट्रिक दोपहिया पर सब्सिडी हुई आधी, जानें नए नियम

PM E-DRIVE Scheme को 2028 तक बढ़ा दिया गया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी में बदलाव करते हुए इसे आधा कर दिया गया है। जानें नए नियम

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए सरकार ने PM E-DRIVE स्कीम को लेकर बड़ा फैसला किया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए इस योजना की अवधि अब 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है, जिससे खरीदारों को लंबे समय तक सरकारी प्रोत्साहन मिलता रहेगा।

बिजनेस न्यूज़: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। PM E-DRIVE स्कीम की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दी गई है, जिससे देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और EV मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विस्तार को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस विस्तार के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों के लिए इंसेंटिव ढांचे में बदलाव किया गया है। अब ई-स्कूटर और ई-मोटरसाइकिल पर मिलने वाली सब्सिडी पहले की तुलना में कम होगी।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब भारत तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है और वाहन निर्माता कंपनियां नए EV मॉडल बाजार में उतार रही हैं। नई व्यवस्था में योजना का लाभ जारी रहेगा, लेकिन खरीदारों और कंपनियों को संशोधित सब्सिडी नियमों को ध्यान में रखना होगा।

PM E-DRIVE स्कीम की नई डेडलाइन क्या है?

भारी उद्योग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, PM E-DRIVE योजना अब 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार बढ़ाना, सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना और घरेलू EV उद्योग को मजबूत करना है। योजना के लिए सरकार ने कुल 11,900 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। हालांकि, यह एक फंड-आधारित योजना है। इसका मतलब है कि संबंधित घटक के लिए निर्धारित फंड समाप्त होने की स्थिति में लाभ की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, भले ही योजना की घोषित अवधि अभी पूरी न हुई हो।

सरकार का फोकस केवल EV बिक्री बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन और बुनियादी ढांचे को विकसित करना भी इसका अहम हिस्सा है।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की सब्सिडी हुई आधी

PM E-DRIVE स्कीम में सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के इंसेंटिव में किया गया है। पहले पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटे (kWh) की दर से प्रोत्साहन मिलता था। अब इसे घटाकर 2,500 रुपये प्रति kWh कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रति वाहन मिलने वाला अधिकतम इंसेंटिव भी 10,000 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है।

इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो सरकारी प्रोत्साहन को ध्यान में रखकर नया इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, EV खरीदने पर योजना का लाभ समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसकी राशि में बदलाव किया गया है।

किन इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को मिलेगा लाभ?

संशोधित नियमों के तहत PM E-DRIVE योजना का इंसेंटिव पाने के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये तय की गई है। यानी इस सीमा से ऊपर की कीमत वाले वाहनों पर इस विशेष प्रोत्साहन का लाभ नहीं मिलेगा। इलेक्ट्रिक दोपहिया श्रेणी के लिए सरकार ने 2,767 करोड़ रुपये का फंड सपोर्ट निर्धारित किया है।

इंसेंटिव की गणना में एक अन्य सीमा भी लागू होगी। खरीदार को मिलने वाली सहायता वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इसलिए पात्रता के बावजूद उपभोक्ता को वही राशि मिलेगी, जो निर्धारित इंसेंटिव सीमा और 15 प्रतिशत की सीमा में कम होगी। सरकार बाजार की परिस्थितियों और इलेक्ट्रिक वाहन की कीमतों में बदलाव को देखते हुए भविष्य में प्रति kWh प्रोत्साहन की समीक्षा भी कर सकती है।

क्लेम करने की अंतिम तारीख 2027

हालांकि PM E-DRIVE स्कीम को मार्च 2028 तक बढ़ाया गया है, लेकिन योजना के विभिन्न घटकों के लिए क्लेम जमा करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2027 रखी गई है। ऐसे में वाहन निर्माताओं और अन्य संबंधित संस्थाओं को इस समयसीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। यह अंतर उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि योजना की अंतिम अवधि और क्लेम प्रोसेस की समयसीमा अलग-अलग हैं।

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