PM-SETU योजना से दरभंगा के दो ITI बनेंगे आधुनिक: 241 करोड़ मंजूर, रामनगर बनेगा हब तो बेनीपुर ITI स्पोक के रूप में विकसित होगा

PM-SETU योजना के तहत दरभंगा के रामनगर और बेनीपुर ITI को आधुनिक बनाया जाएगा। हब-स्पोक मॉडल से प्रशिक्षण, नई तकनीक और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
PM-SETU योजना से दरभंगा के दो ITI बनेंगे आधुनिक: 241 करोड़ मंजूर, रामनगर बनेगा हब तो बेनीपुर ITI स्पोक के रूप में विकसित होगा
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दरभंगा जिले में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। PM-SETU योजना के तहत जिले के दो औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक स्वरूप देने की योजना है। इसके तहत रामनगर ITI को हब और बेनीपुर ITI को स्पोक के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत आधुनिक मशीनों, नई तकनीक, स्मार्ट क्लासरूम और उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर रहेगा। केंद्र सरकार की PM-SETU योजना का उद्देश्य सरकारी ITI को उद्योग की मांग के अनुरूप आधुनिक और रोजगारपरक संस्थानों के रूप में विकसित करना है।

PM-SETU यानी Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs योजना के तहत देशभर के सरकारी ITI को आधुनिक बनाने की योजना है। इसके लिए हब और स्पोक मॉडल अपनाया जा रहा है। योजना में 1,000 सरकारी ITI को अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 200 हब ITI और 800 स्पोक ITI शामिल होंगे। प्रत्येक हब के साथ औसतन चार स्पोक ITI को जोड़ा जाना है।

दरभंगा में रामनगर ITI को हब के तौर पर विकसित किए जाने से इसे पूरे क्लस्टर के लिए प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र की भूमिका मिल सकती है। वहीं बेनीपुर ITI स्पोक संस्थान के रूप में हब से जुड़कर प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधाओं को आगे बढ़ाएगा। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और उद्योग आधारित पाठ्यक्रम का लाभ केवल एक संस्थान तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के युवाओं तक भी पहुंचे।

PM-SETU के तहत एक क्लस्टर की कुल पांच साल की लागत 241 करोड़ रुपए निर्धारित है। इस मॉडल में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग की भागीदारी का प्रावधान है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार फंडिंग में केंद्र का 50 प्रतिशत, राज्य का 33 प्रतिशत और उद्योग की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी रखी गई है।

योजना के तहत ITI में पुराने ढर्रे की ट्रेनिंग व्यवस्था को बदलकर आधुनिक तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को ऐसी मशीनों और उपकरणों पर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम होगा, जिनका इस्तेमाल मौजूदा उद्योगों में हो रहा है। इससे ITI से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को रोजगार की बदलती जरूरतों के मुताबिक तैयार करने में मदद मिलेगी।

रामनगर ITI के हब बनने का एक बड़ा फायदा यह होगा कि यहां अधिक उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। हब ITI में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ मौजूदा पाठ्यक्रमों को भी उद्योग की जरूरत के अनुरूप अपग्रेड किया जाना है। PM-SETU के तहत हब संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, डिजिटल कंटेंट और नई तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर है।

बेनीपुर ITI को स्पोक के रूप में विकसित किए जाने से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर मिल सकता है। स्पोक ITI में भी नए पाठ्यक्रम शुरू करने और मौजूदा ट्रेड को आधुनिक बनाने की योजना है। इससे छात्रों को प्रशिक्षण के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है और स्थानीय स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।

योजना का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष उद्योग से सीधे जुड़ा प्रशिक्षण है। PM-SETU में उद्योग भागीदारों को ITI के विकास और संचालन की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य केवल ITI की इमारत या मशीनों को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार बाजार की जरूरतों से जोड़ना है।

इस मॉडल में उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उद्योग भागीदार प्रशिक्षण की जरूरत, तकनीकी कौशल और रोजगार से जुड़े पहलुओं में सहयोग कर सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कंपनियों में काम करने के लिए किस तरह की तकनीकी दक्षता की आवश्यकता है।

PM-SETU योजना में नई और उभरती तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है। इसका सीधा फायदा उन युवाओं को मिल सकता है जो पारंपरिक ट्रेड के साथ आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में भी करियर बनाना चाहते हैं। बदलते औद्योगिक वातावरण में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, डिजिटल तकनीक, मशीन संचालन और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ रही है।

दरभंगा जैसे बड़े शैक्षणिक और व्यापारिक क्षेत्र में ITI के आधुनिकीकरण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिल सकता है। अभी बड़ी संख्या में युवा तकनीकी प्रशिक्षण के बाद रोजगार या अप्रेंटिसशिप के लिए दूसरे शहरों की ओर जाते हैं। आधुनिक ITI व्यवस्था मजबूत होने पर उन्हें अपने जिले और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

योजना के तहत प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट और उद्योग संपर्क को भी मजबूत करने का लक्ष्य है। हब ITI में प्लेसमेंट सेवाओं, इनोवेशन सेंटर और ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स जैसी सुविधाओं को विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इससे प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के साथ छात्रों को रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।

रामनगर हब और बेनीपुर स्पोक के रूप में विकसित होने की व्यवस्था को इसी व्यापक मॉडल का हिस्सा माना जा रहा है। हब संस्थान में विकसित होने वाली तकनीकी सुविधाओं और विशेषज्ञता का लाभ स्पोक संस्थान तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इससे दोनों संस्थानों के बीच प्रशिक्षण और संसाधनों का बेहतर समन्वय हो सकता है।

दरभंगा में इस योजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बिहार में PM-SETU के पहले चरण के कार्यान्वयन में पटना और दरभंगा ITI पर विशेष फोकस की बात केंद्र सरकार की ओर से कही गई थी।

युवाओं के लिए इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि ITI की पढ़ाई केवल प्रमाणपत्र हासिल करने तक सीमित न रहे। प्रशिक्षण को कंपनियों की वास्तविक जरूरत से जोड़ने पर छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए पाठ्यक्रम, मशीनरी, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और उद्योग संपर्क सभी स्तरों पर बदलाव किया जाना है।

PM-SETU के तहत आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल प्रशिक्षण का बेहतर अनुभव मिल सकता है। तकनीकी शिक्षा में केवल किताबों से पढ़ाई पर्याप्त नहीं होती। मशीनों और उपकरणों पर वास्तविक अभ्यास छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस योजना से प्रशिक्षकों को भी नई तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षण देने का अवसर मिलेगा। आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल और नए पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षकों और ट्रेनरों को भी अपडेट किया जाना जरूरी होगा। PM-SETU में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स और क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया है।

योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू डिजिटल शिक्षा है। आधुनिक ITI में स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से छात्रों को तकनीकी विषयों को समझने के नए तरीके मिलेंगे। इससे थ्योरी और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा।

बेनीपुर जैसे क्षेत्र में स्पोक ITI के विकास से आसपास के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए अपने आसपास बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होना उच्च शिक्षा और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

स्थानीय स्तर पर ITI मजबूत होने से युवाओं को कौशल आधारित रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है। प्रशिक्षण के बाद स्थानीय कंपनियों, उद्योगों और सेवा क्षेत्र में अवसर तलाशने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही अप्रेंटिसशिप के जरिए युवाओं को काम के दौरान प्रशिक्षण हासिल करने का मौका मिल सकता है।

PM-SETU का व्यापक लक्ष्य ITI को ऐसे संस्थानों में बदलना है जहां प्रशिक्षण आधुनिक उद्योगों की जरूरत के अनुरूप हो। योजना के तहत सरकारी स्वामित्व वाले ITI में उद्योग आधारित गवर्नेंस और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

दरभंगा के रामनगर और बेनीपुर ITI के लिए भी अब इसी तरह की आधुनिक व्यवस्था विकसित किए जाने की उम्मीद है। हब-स्पोक मॉडल में रामनगर की भूमिका केंद्रीय रहेगी, जबकि बेनीपुर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ाने वाले संस्थान के रूप में काम करेगा।

आने वाले समय में इस योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, पाठ्यक्रम, उद्योग भागीदारी और प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़े काम आगे बढ़ेंगे। इसके बाद छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप कौशल हासिल करने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

कुल मिलाकर, PM-SETU योजना दरभंगा के ITI क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव लेकर आ सकती है। रामनगर ITI को हब और बेनीपुर ITI को स्पोक के रूप में विकसित करने की योजना से आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, नई मशीनरी, स्मार्ट क्लासरूम, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम और रोजगार से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। एक ITI क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपए के पांच वर्षीय निवेश मॉडल में केंद्र, राज्य और उद्योग की भागीदारी होगी। इसका सीधा असर तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं की ट्रेनिंग और रोजगार क्षमता पर पड़ने की उम्मीद है।

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