प्रयागराज में एमएलसी चुनाव के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की कार्यशैली पर सवाल उठाए। चुनाव के बीच अधिकारियों की भूमिका को लेकर विवाद सामने आया। सपा प्रत्याशी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट पर आरोप लगाए, वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी मतदान प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। सपाइयों का आरोप था कि कुछ अधिकारी भारतीय जनता पार्टी की पर्ची लेकर घूम रहे हैं। इस आरोप के बाद चुनावी माहौल में तनाव बढ़ गया और कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं तथा अधिकारियों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई है।
चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ अधिकारी एक राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अधिकारियों को किसी भी दल से जुड़ी प्रचार सामग्री या पर्चियों के साथ नहीं घूमना चाहिए। उनका आरोप है कि ऐसी गतिविधियों से मतदान की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। इसी मुद्दे को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और अधिकारियों की भूमिका पर आपत्ति दर्ज कराई।
प्रयागराज में सामने आए इस विवाद के दौरान सपा प्रत्याशी और सेक्टर मजिस्ट्रेट के बीच भी मामला गरमाने की जानकारी सामने आई है। कई जगहों पर कहासुनी होने की बात कही गई है। चुनाव के दौरान इस तरह के विवाद प्रशासन के लिए चुनौती बन सकते हैं, क्योंकि अधिकारियों की जिम्मेदारी मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने और निर्वाचन प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराने की होती है। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर उसकी जांच करना और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करना जरूरी होता है।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर नाराजगी जताई। हालांकि, भाजपा की पर्ची लेकर घूमने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट का पक्ष उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आरोपों को फिलहाल सपा कार्यकर्ताओं के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की ओर से निष्पक्ष मतदान की अपेक्षा की जाती है। निर्वाचन अधिकारियों को भी निर्धारित आचार संहिता और चुनावी नियमों के अनुरूप काम करना होता है। प्रयागराज में सपा प्रत्याशी के विरोध और कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बाद अब इस बात पर नजर रहेगी कि प्रशासन मामले को लेकर क्या कदम उठाता है और आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, इस विवाद के कारण चुनावी माहौल में हलचल बनी हुई है।








