प्रयागराज में TGT अभ्यर्थियों का धरना दूसरे दिन भी जारी, बोले- आश्वासन मिला, लिखित आदेश नहीं

प्रयागराज में TGT भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का धरना दूसरे दिन भी जारी है। छात्रों का कहना है कि आश्वासन मिला, लेकिन मांगों पर लिखित आदेश अब तक नहीं आया है।
प्रयागराज में TGT अभ्यर्थियों का धरना दूसरे दिन भी जारी, बोले- आश्वासन मिला, लिखित आदेश नहीं
Photo Credit / Attribution: Google

प्रयागराज में टीजीटी भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का धरना दूसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्हें अधिकारियों की ओर से आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन अभी तक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी वजह से अभ्यर्थी अपना आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। छात्रों की मांग है कि भर्ती से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और उसे लिखित रूप में जारी किया जाए, ताकि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन के भरोसे न रहना पड़े।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय से जुड़े परिसर में अपनी मांगों को लेकर जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से इंतजार और अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में जब तक उनकी मांगों पर आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया है। छात्रों के मुताबिक, अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिया गया, लेकिन लिखित आदेश नहीं मिलने के कारण उनकी चिंताएं दूर नहीं हुई हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती से जुड़े मामलों में मौखिक आश्वासन के बजाय लिखित निर्णय अधिक महत्वपूर्ण है। लिखित आदेश जारी होने से निर्णय की स्थिति स्पष्ट होगी और अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिल सकेगी। छात्रों का मानना है कि जब तक आदेश आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया जाता, तब तक यह तय नहीं माना जा सकता कि उनकी मांगों पर अंतिम फैसला हो गया है। इसी कारण दूसरे दिन भी धरना जारी रखा गया है।

टीजीटी भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह मुद्दा उनके भविष्य और रोजगार से जुड़ा हुआ है। भर्ती प्रक्रिया में देरी या निर्णय को लेकर स्पष्टता नहीं होने से उम्मीदवारों के बीच चिंता बढ़ सकती है। कई अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि संबंधित विभाग उनकी मांगों पर जल्द स्थिति स्पष्ट करे और आवश्यक कार्रवाई की जानकारी आधिकारिक तौर पर उपलब्ध कराए।

धरने के दौरान अभ्यर्थियों की मुख्य मांग लिखित आदेश जारी करने की है। छात्रों का कहना है कि आश्वासन मिलने के बाद भी जब तक आदेश सामने नहीं आता, तब तक आंदोलन खत्म करने का कोई ठोस आधार नहीं है। उनके मुताबिक, लिखित आदेश से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अधिकारियों ने उनकी मांगों पर क्या निर्णय लिया है और आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

दूसरी ओर, धरने के आगे जारी रहने से भर्ती से जुड़े मुद्दे पर विभागीय स्तर पर निर्णय की प्रतीक्षा बढ़ गई है। आंदोलन समाप्त होने के लिए जरूरी होगा कि अभ्यर्थियों की मांगों और विभाग के रुख के बीच स्पष्टता बने। फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र अपने रुख पर कायम हैं और लिखित आदेश जारी होने तक धरना जारी रखने की बात कह रहे हैं। संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर अभ्यर्थियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।

Leave a comment