प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में धान की रोपाई के लिए मजदूरों को लेकर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ट्रॉली के नीचे बड़ी संख्या में मजदूर दब गए। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा मजदूरों के दबे होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत और बचाव अभियान चलाकर दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला गया।
हादसा ग्रामीण इलाके में उस समय हुआ जब मजदूर धान की रोपाई के लिए खेतों की तरफ जा रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे। अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा और ट्रॉली पलट गई। ट्रॉली के पलटते ही उसमें बैठे मजदूर एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और कई लोग उसके नीचे दब गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हादसे की जानकारी पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया गया।
ट्रॉली के नीचे मजदूरों के दबे होने की वजह से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। ग्रामीणों ने आसपास उपलब्ध संसाधनों की मदद से ट्रॉली को उठाने और उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस और राहत टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में तेजी लाई।
हादसे में घायल मजदूरों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। कई मजदूरों को चोटें आई हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने की स्थिति में उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर किए जाने की संभावना है।
हादसे में दो लोगों की मौत के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। मृतकों की पहचान उनके परिजनों से संपर्क के बाद की जा रही है। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवारों में मातम पसर गया।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक मजदूर सवार थे। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह और वाहन में सवार लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही होगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि ट्रैक्टर कौन चला रहा था और हादसे से पहले वाहन की रफ्तार कितनी थी।
धान की रोपाई के सीजन में ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में मजदूर एक साथ खेतों तक पहुंचते हैं। कई जगहों पर मजदूरों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से खेतों तक ले जाया जाता है। ऐसे वाहनों में बड़ी संख्या में लोगों के बैठने से दुर्घटना की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली आमतौर पर कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल की जाती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अक्सर इन्हीं वाहनों से मजदूरों को भी एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है। सड़क पर अचानक मोड़, खराब रास्ता, तेज रफ्तार या वाहन का संतुलन बिगड़ने पर ट्रॉली पलटने का खतरा बना रहता है।
प्रयागराज में हुए इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों के परिवहन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में मजदूरों को खुले ट्रॉली में बैठाकर ले जाने की स्थिति में दुर्घटना होने पर बचाव बेहद मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे में घायल मजदूरों के इलाज की उचित व्यवस्था की जाए और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कृषि कार्य के लिए मजदूरों को ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा नियमों का पालन हो।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल का निरीक्षण कर वाहन की स्थिति देखी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रैक्टर-ट्रॉली किस वजह से पलटी।
फिलहाल हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई मजदूर घायल हुए हैं। 25 से ज्यादा लोगों के ट्रॉली के नीचे दबने की बात सामने आई है, हालांकि बचाव अभियान के बाद सभी लोगों की स्थिति और घायलों की संख्या की आधिकारिक जानकारी पुलिस-प्रशासन की रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।
धान की रोपाई के लिए निकले मजदूरों के साथ हुए इस हादसे ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन परिवारों के सदस्य घायल हुए हैं, वे अस्पतालों में अपने परिजनों की हालत जानने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं मृतकों के घरों में मातम का माहौल है।












