पंजाब में राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी पर 314 शिक्षकों को नोटिस, कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल

पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी पर 314 शिक्षकों को नोटिस मिला। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक काम के बोझ की बात कही, कांग्रेस ने सवाल उठाए।

पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी को लेकर 314 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों के बढ़ते बोझ की बात कही है, जबकि कांग्रेस ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं।

चंडीगढ़: पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी से जुड़े मामले में 314 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। लुधियाना में 11 सितंबर के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर शिक्षकों को नोटिस मिला। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से कई गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं।

राशन कार्ड सत्यापन को लेकर शिक्षकों को नोटिस

पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड सत्यापन की ड्यूटी को लेकर शिक्षकों और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया है। लुधियाना में 314 शिक्षकों को 11 सितंबर को आयोजित विशेष प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा बरनाला के भदौड़, तलवंडी, भोटना, तपा, टिंकौना भदौड़ और बदरा समेत अन्य क्षेत्रों में भी शिक्षकों को नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई है।

शिक्षकों का कहना है कि उन्हें पहले से ही कई तरह के गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी मिलने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

वहीं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शिक्षकों पर पहले से काम का दबाव है। जिला शिक्षा अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय करके राशन कार्ड सत्यापन का काम अन्य विभागों के कर्मचारियों से करवाने के लिए कहा गया है।

ड्यूटी आदेश वापस लेने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

शिक्षकों का कहना है कि जब तक मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से पहले जारी किए गए ड्यूटी आदेशों को वापस लेने का औपचारिक निर्देश नहीं आता, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

तपा के एसडीएम कार्यालय की ओर से 11 शिक्षकों को जारी नोटिस में कहा गया कि उन्हें 4 सितंबर को सत्यापन का कार्य सौंपा गया था, लेकिन अभी तक एक भी सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। नोटिस में 17 सितंबर तक काम नहीं दिखाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।

हालांकि, संबंधित शिक्षकों का कहना है कि उन्हें अभी तक सत्यापन का काम ही उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी वजह से रिपोर्ट नहीं देने का सवाल उठता ही नहीं है।

शिक्षकों पर कई गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां

शिक्षकों के अनुसार उन्हें इस समय कई अलग-अलग सरकारी कार्यों में लगाया जा रहा है। इनमें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO से जुड़े काम, जनगणना, ड्रग सर्वे, पराली जलाने की रोकथाम, स्थानीय निकाय चुनाव, खेड़ा वतन पंजाब दियां, हेल्थ कार्ड और बाढ़ से संबंधित ड्यूटी शामिल हैं।

पटियाला में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर पहले से सौंपे गए कार्यों की सूची भी दी थी। इसके बाद वहां शिक्षकों को नोटिस जारी नहीं किए गए।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पिछले महीने विधानसभा में बताया था कि पंजाब में शिक्षकों के 31,370 पद खाली हैं। यह संख्या स्वीकृत पदों का करीब एक चौथाई बताई गई थी। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर संबंधित विभागों को शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से स्थायी रूप से मुक्त करने के निर्देश देने की मांग भी की थी।

राजा वड़िंग ने सरकार पर उठाए सवाल

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड सत्यापन का काम नहीं करने पर शिक्षकों को नोटिस दिए जा रहे हैं।

राजा वड़िंग ने शिक्षकों के खाली पदों और अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में 31,370 शिक्षक पद खाली हैं और कई स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक ही उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले से SIR, BLO और विभिन्न सर्वे से जुड़े कार्यों में लगाए जा रहे हैं और अब राशन कार्ड सत्यापन की जिम्मेदारी भी दी जा रही है। उनके अनुसार, अतिरिक्त काम बढ़ने से शिक्षकों के पास विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए समय कम हो रहा है।

राजा वड़िंग ने सरकार से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से हटाकर उन्हें केवल शिक्षण कार्य पर ध्यान देने की मांग की।

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