आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में दो मेडिकल छात्रों को कथित तौर पर तेज रफ्तार और नशे में धुत कार सवारों ने टक्कर मार दी। हादसे में एक छात्रा की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
राजमहेंद्रवरम: आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम (राजामहेंद्रवरम) में मेडिकल छात्रों के साथ हुई गंभीर सड़क दुर्घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित छात्रों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की और दोनों छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और नशे की हालत में वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार रात राजमहेंद्रवरम स्थित प्रसाद आदित्य मॉल के पास हुई। जानकारी के मुताबिक दो युवक कथित रूप से शराब के नशे में मॉल पहुंचे थे। मॉल कर्मचारियों ने ब्रेथ एनालाइजर से जांच के बाद उन्हें परिसर छोड़ने के लिए कहा। बताया गया कि इसके बाद दोनों युवक तेज रफ्तार में कार चलाते हुए वहां से निकले। इसी दौरान उनकी कार ने सड़क पर जा रहे दो मेडिकल छात्रों के स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटर सवार दोनों छात्र सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद आरोपी वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित छात्रा प्रियंका की हालत गंभीर
हादसे में घायल मेडिकल छात्रा प्रियंका, जो राजमहेंद्रवरम स्थित जीएसएल मेडिकल कॉलेज में पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई कर रही थीं, को गंभीर चोटें आईं। अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद रेफर किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रियंका के इलाज की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
दूसरे छात्र उमेश भी घायल
दुर्घटना में प्रियंका के साथ स्कूटर पर मौजूद मेडिकल छात्र उमेश भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों छात्र मेडिकल शिक्षा से जुड़े हैं और दुर्घटना ने पूरे शैक्षणिक समुदाय को गहरा झटका पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से कहा कि सड़क दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सबसे कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में वाहन चलाकर किसी की जान खतरे में डालता है तो उसे किसी भी परिस्थिति में कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस से निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ अभियोजन प्रक्रिया को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए ताकि दोषियों को न्यायालय से कड़ी सजा मिल सके।
पुलिस जांच जारी, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना के तुरंत बाद मामला दर्ज कर लिया गया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी राजमहेंद्रवरम के निकट नामावरम क्षेत्र के रहने वाले हैं। जांच एजेंसियां दुर्घटना के समय की परिस्थितियों, वाहन की गति, शराब के सेवन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर भारत में नशे की हालत में वाहन चलाने और तेज रफ्तार से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन जाता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर कानूनों के साथ-साथ उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी आवश्यक है। नियमित जांच, जागरूकता अभियान और त्वरित कानूनी कार्रवाई से ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है।
मेडिकल समुदाय में चिंता
मेडिकल छात्रों के साथ हुई इस दुर्घटना के बाद राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में चिंता का माहौल है। छात्र संगठनों और चिकित्सकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही यह मांग भी उठ रही है कि शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास यातायात नियमों का और अधिक सख्ती से पालन कराया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
आगे की कार्रवाई पर नजर
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई जारी है। वहीं राज्य सरकार ने भी स्पष्ट संकेत दिया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ितों के इलाज, पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर आने वाले दिनों में सभी की नजर बनी रहेगी।











