Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज ने जारी किया नया फरमान, नए नियमों से ड्राइवरों और कंडक्टरों की बढ़ सकती है मुश्किलें

राजस्थान रोडवेज ने नए नियम लागू किए हैं, जिनसे ड्राइवरों और कंडक्टरों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। जानें क्या है नया फरमान।, राजस्थान रोडवेज प्रशासन

राजस्थान रोडवेज प्रशासन के नए आदेश के बाद चालकों और परिचालकों के बीच असंतोष उत्पन्न हो गया है। नए आदेश के अनुसार, अब चालकों को प्रतिदिन 400 किमी की दूरी तय करनी होगी, जबकि पहले यह सीमा 300 किमी थी। यदि चालक 400 किमी से कम दूरी तय करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिचालकों को भी अगर बिना टिकट यात्री मिले, तो उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ सकता हैं।

झुंझुनूं: राजस्थान रोडवेज प्रशासन के हालिया आदेश के बाद बस चालकों और परिचारकों में असंतोष की भावना बढ़ रही है। इस आदेश में कहा गया है कि अब रोडवेज बसों के चालकों को प्रतिदिन 400 किमी तक बस चलानी होगी, जो पहले 300 किमी थी। इस आदेश के कारण कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई है, और कई कर्मचारियों ने शीघ्र विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई हैं।

चालकों का कहना है कि 400 किमी की दूरी प्रतिदिन तय करना उनके लिए अत्यधिक कठिन हो सकता है, क्योंकि यह उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, यह आदेश परिचारकों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है, क्योंकि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने की जिम्मेदारी बढ़ाने के साथ ही उन्हें निलंबन का खतरा भी रहेगा।

राजस्थान रोडवेज का नया फरमान

Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज ने जारी किया नया फरमान, नए नियमों से ड्राइवरों और कंडक्टरों की बढ़ सकती है मुश्किलें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों को बेहतर सुविधा और निगम की आर्थिक आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह नया आदेश जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, रोडवेज प्रशासन ने निगम को घाटे से उबारने के लिए चालक-परिचालकों पर नियंत्रण बढ़ाना शुरू कर दिया है और इसके तहत उनके कार्यों और जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया हैं।

अब तक रोडवेज बस चालकों को प्रतिदिन 300 किमी तक बस संचालन की जिम्मेदारी दी जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 400 किमी कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण चालकों को प्रतिदिन 100 किमी अधिक चलाने का आदेश दिया गया है, जिससे उनकी ड्यूटी काफी बढ़ गई है। अब तक जो चालक 300 किमी के आसपास बस चला रहे थे, उन्हें अब 400 किमी की दूरी तय करनी होगी, जिससे उनकी कार्यदायित्व में वृद्धि हो गई हैं।

यह बदलाव रोडवेज के कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इससे उनका शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। वहीं, परिचालकों पर भी जिम्मेदारियों को बढ़ाया गया है और उन्हें बिना टिकट यात्रियों के बारे में रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी दी गई हैं।

यात्री के पास टिकट न मिलने पर कंडक्टर को किया जाएगा सस्पेंड

Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज ने जारी किया नया फरमान, नए नियमों से ड्राइवरों और कंडक्टरों की बढ़ सकती है मुश्किलें

राजस्थान रोडवेज प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए आदेश के तहत बस चालकों को अब 400 किमी की दूरी प्रतिदिन तय करने का दायित्व सौंपा गया है। अगर चालक इस निर्धारित दूरी से कम संचालन करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही, चालक को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह हर किमी के लिए 33 रुपये का औसत खर्च (ऑयल औसत) बनाए रखें, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर भी दबाव डाला जा रहा हैं।

इसके अलावा, बस परिचालकों के लिए भी नए आदेशों में कड़ी शर्तें तय की गई हैं। अब, यदि किसी बस में दो या उससे अधिक बिना टिकट यात्री पाए जाते हैं, तो परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, और उसे निलंबित किया जा सकता है। इतना ही नहीं, जो परिचालक 'बस सारथी योजना' में कार्यरत हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनकी जमा अमानत राशि भी जब्त कर ली जाएगी। इन कठोर कदमों से रोडवेज प्रशासन यात्रियों की सुविधा और निगम की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा हैं।

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