यूपी विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों पर मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हो गई है। सात शहरों में कड़ी सुरक्षा के बीच वोट गिने जा रहे हैं। चुनाव में 152 उम्मीदवार मैदान में हैं।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 के नतीजों के लिए वोटों की गिनती मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे शुरू हो गई है। प्रदेश की 11 सीटों के लिए लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात है और पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। भाजपा और समाजवादी पार्टी समेत सभी उम्मीदवारों की नजर अब चुनाव परिणाम पर टिकी है।
सात शहरों में वोटों की गिनती, सुरक्षा के खास इंतजाम
यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना के लिए प्रशासन ने सात शहरों में अलग-अलग केंद्र निर्धारित किए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वोटों की गिनती शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरी कराई जाए।
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मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। बिना अनुमति किसी व्यक्ति को मतगणना परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
लखनऊ में रमाबाई अंबेडकर रैली मैदान में मतगणना हो रही है। वहीं गोरखपुर में मतगणना केंद्र के आसपास बैरिकेडिंग लगाई गई है, ताकि अनावश्यक भीड़ को रोका जा सके।
वाराणसी में 30 टेबलों पर मतगणना, 224 कर्मचारी तैनात
वाराणसी की पहाड़िया मंडी में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के वोटों की गिनती शुरू हो गई है। दोनों चुनावों के लिए अलग-अलग 15 टेबल लगाई गई हैं। मतगणना कार्य में कुल 224 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
केंद्र पर सुरक्षा के साथ मतगणना प्रक्रिया की निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक चरण की गिनती निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हो।
आगरा, मेरठ, झांसी और बरेली में भी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गणना की जा रही है। परिणाम घोषित होने के बाद ही उम्मीदवारों की जीत और हार की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट होगी।
लखनऊ में भाजपा उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह ने जताया जीत का भरोसा
लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह ने मतगणना शुरू होने के बाद अपनी जीत का भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतदान के दौरान पूरी मेहनत की और बड़ी संख्या में मतदाताओं ने पार्टी के पक्ष में वोट डाले हैं।
अवनीश कुमार सिंह ने भगवान राम और हनुमान जी का आशीर्वाद मिलने की बात कहते हुए जीत की उम्मीद जताई। हालांकि, उनकी जीत का दावा मतगणना के अंतिम नतीजों पर निर्भर करेगा।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान, 55.24 प्रतिशत वोट पड़े
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 152 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे।
मतदान के दौरान कुल 55.24 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.01 प्रतिशत मतदान हुआ।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में करीब 51 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया, जबकि लखनऊ स्नातक सीट पर सबसे कम 38.02 प्रतिशत वोट पड़े। इन आंकड़ों से शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान प्रतिशत में अंतर सामने आया।
मतगणना से पहले गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर बदले गए प्रेक्षक
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना से एक दिन पहले निर्वाचन आयोग ने प्रेक्षक की जिम्मेदारी में बदलाव किया।
वर्ष 2007 बैच के आईएएस अधिकारी अभय सिंह को इस जिम्मेदारी से मुक्त करके रिजर्व में रखा गया। उनकी जगह वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया प्रेक्षक नियुक्त किया गया।
प्रेक्षक की जिम्मेदारी मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखना और चुनाव संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है।
भाजपा और सपा के लिए अहम हैं विधान परिषद के नतीजे
इन 11 सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में निर्दलीय और बागी उम्मीदवार भी मुकाबले को प्रभावित कर सकते हैं।
साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव के दौरान कुछ जिलों से राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प और मतदान में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए थे। फिलहाल मतगणना जारी रहने की जानकारी है। उपलब्ध पुष्ट रिपोर्टों में सभी 11 सीटों के अंतिम विजेताओं की सूची सामने नहीं आई है।








