रांची में 9 अगस्त से तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव, शिबू सोरेन को रहेगी विशेष श्रद्धांजलि

रांची में 9 अगस्त से तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव होगा। ट्राइबल बाजार, ड्रोन-लेजर शो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित विशेष कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहेंगे।

रांची में 9 अगस्त से तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव आयोजित होगा। पिछले वर्ष शिबू सोरेन के निधन के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका था। इस बार ट्राइबल बाजार, सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और आधुनिक लाइट-लेजर शो प्रमुख आकर्षण रहेंगे।

रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड सरकार इस वर्ष रांची में तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। पिछले वर्ष कार्यक्रम स्थगित रहने के बाद इस बार आयोजन को अधिक भव्य रूप दिया जा रहा है, जिसमें जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, खान-पान और झारखंड के इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

तीन दिनों तक सजेगा जनजातीय संस्कृति का उत्सव

राज्य सरकार हर वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी महोत्सव आयोजित करती है। पिछले वर्ष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के कारण यह आयोजन नहीं हो सका था। इस बार महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा और इसका आयोजन रांची स्थित बिरसा मुंडा स्मृति पार्क में किया जाएगा। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विभिन्न विभागों को आयोजन की जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

रांची में 9 अगस्त से तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव, शिबू सोरेन को रहेगी विशेष श्रद्धांजलि

महोत्सव का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध जनजातीय विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करना है। सरकार को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी पर्यटक इस आयोजन में शामिल होंगे।

ट्राइबल बाजार और इमर्सिव प्रदर्शनी होंगे मुख्य आकर्षण

इस वर्ष ट्राइबल बाजार को महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बनाया गया है। यहां स्वयं सहायता समूहों और जनजातीय समुदायों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, हैंडलूम, पारंपरिक उत्पाद और स्थानीय खाद्य सामग्री की प्रदर्शनी व बिक्री की व्यवस्था होगी।

इसके साथ ही जनजातीय जीवनशैली, संस्कृति, लोककला, पारंपरिक खान-पान और झारखंड के विकास में आदिवासी समाज के योगदान को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। आयोजकों ने इस बार पारंपरिक प्रदर्शनी की जगह इमर्सिव कल्चरल इकोसिस्टम तैयार करने का फैसला लिया है, ताकि आगंतुक आधुनिक तकनीक के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को करीब से अनुभव कर सकें। एक नॉलेज ज़ोन भी बनाया जाएगा, जहां लोगों को विभिन्न जनजातीय समुदायों के इतिहास, परंपराओं और सामाजिक जीवन की जानकारी मिलेगी।

ड्रोन शो और शिबू सोरेन पर विशेष कार्यक्रम

महोत्सव की शुरुआत पारंपरिक जतरा से होगी, जिसमें हजारों स्थानीय कलाकार भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम में करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

तीन दिवसीय आयोजन के दौरान ड्रोन शो, लेजर शो और लाइट शो के जरिए जनजातीय संस्कृति और झारखंड की विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा। समापन समारोह में आकर्षक फायरवर्क शो भी आयोजित होगा।

इस बार का आयोजन पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित विशेष कार्यक्रमों के कारण भी खास रहेगा। एलईडी प्रेजेंटेशन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से झारखंड राज्य के निर्माण और जनजातीय समाज के उत्थान में उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।

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