पिस्टल की नोंक पर ड्राइवर से वसूले 18 हजार रुपए, रंगरा थाना के SI सस्पेंड

रंगरा थाना के एक SI पर पिस्टल की नोंक पर ड्राइवर से 18 हजार रुपए वसूलने का आरोप लगा है। जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।
पिस्टल की नोंक पर ड्राइवर से वसूले 18 हजार रुपए, रंगरा थाना के SI सस्पेंड
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भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि रंगरा थाना में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (SI) ने पिस्टल की नोंक पर एक वाहन चालक से 18 हजार रुपए की वसूली की। इतना ही नहीं, चालक को कथित तौर पर रेप और हत्या के प्रयास जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी गई।

मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए संबंधित SI को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पीड़ित चालक का आरोप है कि वह अपने वाहन से सामान लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में उसे रोका गया। इसके बाद उससे पूछताछ के नाम पर दबाव बनाया गया और कथित तौर पर पिस्टल दिखाकर पैसे की मांग की गई। चालक का कहना है कि विरोध करने पर उसे गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई, जिसके डर से उसने 18 हजार रुपए दे दिए।

बाद में पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिसके बाद आरोपी SI के खिलाफ कार्रवाई की गई।

बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिन पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी होती है, अगर उन्हीं पर इस तरह के आरोप लगने लगें तो आम जनता का भरोसा प्रभावित होता है। कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस घटना में किसी अन्य पुलिसकर्मी की भी भूमिका थी। यदि ऐसा पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल निलंबित SI से पूछताछ की जा रही है और विभागीय जांच जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपी अधिकारी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

नोट: इस खबर में लगाए गए आरोप शिकायत और प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। संबंधित अधिकारी की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण विभागीय जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

 

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