रूस और यूक्रेन ने विजय दिवस सीजफायर के दौरान एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। ड्रोन हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच तनाव बढ़ गया है। मॉस्को और कीव में सुरक्षा अलर्ट जारी हैं और हालात फिर से गंभीर होते दिख रहे हैं।
यूक्रेन/रूस वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर उस अस्थायी संघर्षविराम (ceasefire) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जिसे रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ की नाजी जर्मनी पर जीत के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले “विजय दिवस” समारोहों के दौरान लागू करने की घोषणा की थी।
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष क्षेत्र में सीजफायर के शुरू होने के बाद से ही 1,000 से अधिक उल्लंघन दर्ज किए गए हैं, जिनमें तोपखाने और ड्रोन हमले शामिल हैं। वहीं, यूक्रेन का दावा है कि रूस ने भी उसकी सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं।
रूस का दावा: ड्रोन हमले और सीमा क्षेत्रों में तनाव
मॉस्को प्रशासन के मुताबिक, संघर्षविराम शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर राजधानी मॉस्को के पास लगभग 20 ड्रोन मार गिराए गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि शहर की सुरक्षा को देखते हुए कड़े इंतजाम किए गए हैं और हवाई सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि यूक्रेन ने सीजफायर के दौरान 153 तोपखाने हमले और 887 ड्रोन हमले किए हैं। इसके अलावा रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेनी बलों ने कुर्स्क और बेलगोरोद जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया।
यूक्रेन का पलटवार: रूस ने भी जारी रखे हमले
दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि रूसी सेना ने संघर्षविराम के बावजूद उसके सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। कीव का कहना है कि रूस का यह कदम संघर्ष को कम करने के बजाय और अधिक बढ़ाने की कोशिश है।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा किए गए हमलों से सीमावर्ती इलाकों में तनाव और बढ़ गया है और कई स्थानों पर नागरिक संरचनाएं प्रभावित हुई हैं।
पुतिन का संघर्षविराम और विजय दिवस समारोह
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 8 और 9 मई के लिए अस्थायी संघर्षविराम की घोषणा की थी, जो द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ की जीत की स्मृति में मनाए जाने वाले विजय दिवस समारोह के साथ मेल खाता है।
हालांकि, यूक्रेन ने पहले ही 6 मई से अनिश्चितकालीन संघर्षविराम की मांग की थी, जिसे रूस ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।
सुरक्षा अलर्ट और मॉस्को में कड़े प्रतिबंध
विजय दिवस समारोह को देखते हुए मॉस्को को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पहली बार लगभग दो दशकों में इस परेड में कोई सैन्य उपकरण शामिल नहीं किया जाएगा, जो अपने आप में एक असाधारण निर्णय माना जा रहा है।
रूस ने आशंका जताई है कि यूक्रेन इस दौरान किसी बड़े हमले या व्यवधान की कोशिश कर सकता है। इसी कारण विदेशी राजनयिकों को भी कीव छोड़ने की चेतावनी दी गई है।
सुरक्षा कारणों से मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे नागरिकों और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति सीमित, सुरक्षा कारण प्रमुख
इस वर्ष विजय दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी सीमित रही है। केवल बेलारूस, मलेशिया और लाओस के नेता तथा कुछ अन्य गणमान्य अतिथि ही मॉस्को में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
पहले के वर्षों में यह समारोह बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय नेताओं और सैन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति के लिए जाना जाता था, लेकिन इस बार सुरक्षा और युद्ध की स्थिति ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया है।
दक्षिणी रूस और औद्योगिक क्षेत्रों पर हमले
रूस ने यह भी दावा किया है कि यूक्रेन ने पर्म, यारोस्लाव और रोस्तोव जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक स्थलों को निशाना बनाया है। इसके अलावा चेचन्या की राजधानी ग्रोज्नी में भी हमले की रिपोर्ट सामने आई है।
इन घटनाओं के बाद दक्षिणी रूस के 13 हवाई अड्डों ने अस्थायी रूप से उड़ान संचालन रोक दिया है, जिससे हवाई यातायात प्रभावित हुआ है।









