साहेबगंज उपचुनाव में राजू सिंह की पत्नी को टिकट देने की मांग, सजा के बाद भाजपा के सामने उम्मीदवार का सवाल

अर्चना गुप्ता हत्याकांड में विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा के बाद साहेबगंज सीट पर उपचुनाव की चर्चा तेज है। समर्थकों ने उनकी पत्नी को भाजपा उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई
साहेबगंज उपचुनाव में राजू सिंह की पत्नी को टिकट देने की मांग, सजा के बाद भाजपा के सामने उम्मीदवार का सवाल
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राजू कुमार सिंह को अर्चना गुप्ता हत्याकांड में चार वर्ष की सजा मिलने के बाद बिहार की साहेबगंज विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सजा दो वर्ष से अधिक होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता पर कानूनी संकट खड़ा हो गया है। यदि उनकी सदस्यता समाप्त होती है और सीट रिक्त घोषित की जाती है, तो यहां उपचुनाव कराया जाएगा।

इसी बीच साहेबगंज क्षेत्र में राजू सिंह के समर्थकों ने भाजपा नेतृत्व से मांग की है कि यदि उपचुनाव होता है तो पार्टी उनकी पत्नी रेणु सिंह को उम्मीदवार बनाए। समर्थकों का तर्क है कि राजू सिंह कई बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार है। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य को टिकट देने से पार्टी को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। हालांकि अभी तक भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2018 के दिल्ली स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई फायरिंग से जुड़ा है। इस घटना में डॉ. अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के साधारण कारावास और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि भीड़भाड़ वाली जगह पर हथियार से फायरिंग के गंभीर परिणामों का आरोपी को ज्ञान था।

मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि अदालत ने रेणु सिंह सहित अन्य सह-आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर बरी कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं पाए।

सजा के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। जनप्रतिनिधित्व कानून के अनुसार दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर विधायक की सदस्यता समाप्त हो सकती है, हालांकि यदि उच्च न्यायालय से दोषसिद्धि पर रोक (stay of conviction) मिल जाती है, तो कानूनी स्थिति बदल सकती है। फिलहाल इस मामले में आगे की प्रक्रिया न्यायिक और संवैधानिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि उपचुनाव होता है तो भाजपा उम्मीदवार के चयन में स्थानीय सामाजिक समीकरण, संगठन की रणनीति और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखेगी। राजू सिंह की पत्नी का नाम समर्थकों की ओर से सामने आया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के स्तर पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। दूसरी ओर विपक्षी दल भी इस सीट पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

फिलहाल साहेबगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन भाजपा ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अंतिम निर्णय चुनाव आयोग की प्रक्रिया, विधानसभा सचिवालय की कार्रवाई और पार्टी नेतृत्व की रणनीति के बाद ही सामने आएगा।

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