घर के दरवाजे पर सो रहे शख्स की हत्या सिर में मारी 3 गोलियां, भाई बोला लाश नहीं उठने देंगे पुलिस को अवैध संबंध का शक

समस्तीपुर के हसनपुर में घर के दरवाजे पर सो रहे शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सिर में तीन गोलियां लगीं, पुलिस अवैध संबंध समेत कई एंगल से जांच कर रही है।
घर के दरवाजे पर सो रहे शख्स की हत्या सिर में मारी 3 गोलियां, भाई बोला लाश नहीं उठने देंगे पुलिस को अवैध संबंध का शक
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समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र में घर के दरवाजे पर सो रहे एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। बदमाशों ने सो रहे शख्स के सिर में तीन गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने हत्या की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग करते हुए पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। मृतक के भाई ने कहा कि जब तक मामले की उचित जांच नहीं होगी, तब तक वे शव नहीं उठने देंगे। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की।

बताया जा रहा है कि मृतक रात के समय अपने घर के दरवाजे के पास सो रहा था। परिवार के लोगों को जब गोली चलने की आवाज और घटना की जानकारी मिली तो मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन सिर में गोली लगने के कारण उसकी हालत बेहद गंभीर थी। इस तरह की गोलीबारी ने गांव और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के सामने इस हत्या के पीछे की वजह सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है। शुरुआती जांच में पुलिस कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले को देख रही है। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को हत्या के पीछे अवैध संबंध का शक भी है। हालांकि अभी यह केवल जांच का एक पहलू है और पुलिस ने इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। किसी व्यक्ति पर अवैध संबंध या हत्या में शामिल होने का आरोप जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद ही स्थापित हो सकता है।

घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम के साथ-साथ आक्रोश भी देखने को मिला। परिजनों का कहना है कि घर के दरवाजे पर सो रहे व्यक्ति को इस तरह निशाना बनाया जाना बेहद गंभीर घटना है। परिवार चाहता है कि पुलिस जल्द से जल्द हमलावरों की पहचान करे और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाए। भाई की ओर से शव उठाने से इनकार किए जाने की बात भी इसी नाराजगी और जांच को लेकर परिवार के दबाव को दिखाती है।

पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। इस तरह की वारदात में पुलिस आमतौर पर मृतक के परिवार, रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले लोगों से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करती है कि मृतक की किसी व्यक्ति से पुरानी रंजिश थी या हाल के दिनों में किसी तरह का विवाद हुआ था। इसके अलावा मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और संभावित सीसीटीवी फुटेज जैसे साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

समस्तीपुर में हाल के महीनों में भी गोलीबारी और हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। जनवरी 2026 में बिथान थाना क्षेत्र के सोहमा गांव में ग्रामीण डॉक्टर ललित कुमार साहू की गोली मारकर हत्या की रिपोर्ट सामने आई थी। उस मामले में भी सिर में करीब से तीन गोलियां मारे जाने और घटनास्थल से सात खोखे बरामद होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि वह घटना अलग है और उसे हसनपुर की मौजूदा वारदात से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

इसी तरह जून 2026 में मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के मोरवा डीह में घर के अंदर सो रहे मोनू झा उर्फ सुजीत उर्फ मास्टर पर खिड़की से गोली चलाने की घटना सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उस घटना में युवक को कई गोलियां लगी थीं और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने उस मामले में भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की थी।

हसनपुर की मौजूदा घटना में पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम होगा कि हमलावर मृतक तक कैसे पहुंचे और घटना के बाद किस दिशा में फरार हुए। घर के दरवाजे पर सो रहे व्यक्ति को निशाना बनाए जाने से यह भी जांच का विषय बन सकता है कि आरोपी को मृतक की दिनचर्या और सोने की जगह की जानकारी थी या नहीं। हालांकि इन सवालों के जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे।

पुलिस यह भी जांच सकती है कि मृतक का किसी व्यक्ति के साथ हाल में विवाद हुआ था या नहीं। यदि परिवार ने किसी व्यक्ति पर संदेह जताया है तो उसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा सकती है। पुराने विवाद, जमीन-जायदाद, लेनदेन, पारिवारिक विवाद और निजी संबंधों से जुड़े पहलुओं की जांच ऐसे मामलों में की जाती है। इस मामले में अवैध संबंध का एंगल सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है, लेकिन इसे फिलहाल पुलिस की जांच की दिशा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

परिवार की ओर से शव नहीं उठाने की बात सामने आने के बाद पुलिस के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती भी रही। हत्या जैसी घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश होना स्वाभाविक है और परिजन अक्सर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। पुलिस की कोशिश रहती है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और पोस्टमार्टम समेत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। समस्तीपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जिले की पुलिस व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की जानकारी भी उपलब्ध है।

हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी। इससे गोली लगने की प्रकृति, चोटों और मौत के कारण से संबंधित चिकित्सकीय जानकारी सामने आएगी। इसके अलावा घटनास्थल से बरामद साक्ष्य पुलिस की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यदि पुलिस को गोली के खोखे या अन्य फोरेंसिक सामग्री मिलती है, तो उन्हें जांच के लिए भेजा जा सकता है। इससे हथियार और वारदात के तरीके के बारे में सुराग मिलने की संभावना रहती है।

मामले में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या में कितने लोग शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मौजूदगी, घटनास्थल के आसपास की गतिविधियां और किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही की जानकारी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि वारदात के समय आसपास किसी घर या दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा था तो फुटेज भी पुलिस के लिए अहम साबित हो सकता है। मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दौरान उपयोगी साक्ष्य बन सकते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर गांव और कस्बाई इलाकों में रात के समय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा की है। घर के बाहर या दरवाजे पर सो रहे व्यक्ति को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बनना स्वाभाविक है। ग्रामीण अब पुलिस से गश्त बढ़ाने और घटना में शामिल लोगों की जल्द पहचान की मांग कर सकते हैं।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि व्यक्ति की हत्या किसने और क्यों की। पुलिस के सामने हत्या की वजह, आरोपी की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों को जोड़ने की चुनौती है। अवैध संबंध का शक जांच का एक पहलू बताया जा रहा है, लेकिन जब तक पुलिस ठोस साक्ष्य के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती, तब तक इसे हत्या की निश्चित वजह मानना सही नहीं होगा।

परिजनों के आरोप और पुलिस की जांच के बीच वास्तविक घटनाक्रम सामने आने में कुछ समय लग सकता है। जांच के दौरान पुलिस जिन लोगों से पूछताछ करेगी, उनके बयान और फोरेंसिक साक्ष्य मामले को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होंगे। यदि पुलिस को कोई ठोस सुराग मिलता है तो आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए हत्या की पूरी कहानी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

समस्तीपुर के हसनपुर में हुई इस वारदात के बाद परिवार अपने सदस्य को खोने के गम में है, वहीं पुलिस के सामने हत्या की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और हत्या के पीछे अवैध संबंध समेत अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

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