संतोष सुमन का तेजस्वी यादव पर हमला, बोले- अपने और माता-पिता के शासनकाल का हिसाब दें; बिना सबूत CM पर आरोप न लगाएं

संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने और माता-पिता के शासनकाल का हिसाब दें। बिना सबूत मुख्यमंत्री पर आरोप न लगाएं।
संतोष सुमन का तेजस्वी यादव पर हमला, बोले- अपने और माता-पिता के शासनकाल का हिसाब दें; बिना सबूत CM पर आरोप न लगाएं
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बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार सरकार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पर बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाने के बजाय पहले अपने और अपने माता-पिता के शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी को सलाह दी कि वे केवल बयानबाजी करने के बजाय जनता के बीच जाएं और लोगों की वास्तविक समस्याओं को उठाएं।

संतोष सुमन ने कहा कि राजनीति में आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी मुख्यमंत्री या सरकार पर गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस आधार होना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल सरकार की आलोचना करना नहीं है, बल्कि जनता के मुद्दों को सामने लाना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाना भी है।

मंत्री ने तेजस्वी यादव के परिवार के पुराने शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपने माता-पिता के 15 साल के कार्यकाल का भी जवाब देना चाहिए। उस दौरान बिहार में शासन और प्रशासन की स्थिति कैसी थी, इस पर भी उन्हें जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। संतोष सुमन का कहना है कि तेजस्वी को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक परिवार के कार्यकाल और अपनी भूमिका का हिसाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझना और उन मुद्दों को सरकार के सामने रखना विपक्ष का महत्वपूर्ण काम है। बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों पर विपक्ष को गंभीरता से काम करना चाहिए। केवल राजनीतिक बयान देने से आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

दरअसल, बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान को लेकर हाल के दिनों में राजनीतिक विवाद बढ़ा है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े बयान पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा था। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।


संतोष सुमन इससे पहले भी तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के शासनकाल का हिसाब देने की नसीहत दे चुके हैं। सितंबर 2026 में आरक्षण के भीतर आरक्षण यानी कोटे में कोटा के मुद्दे पर उन्होंने तेजस्वी से दलितों की सुरक्षा, शिक्षा, सरकारी नौकरियों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर सवाल पूछे थे। उन्होंने कहा था कि सबसे वंचित समुदायों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने के लिए ठोस व्यवस्था पर चर्चा होनी चाहिए। 


बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कानून-व्यवस्था, विकास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर लगातार बहस हो रही है। तेजस्वी यादव जहां सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं संतोष सुमन जैसे सत्ता पक्ष के नेता उनसे पुराने शासनकाल का जवाब मांग रहे हैं। इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच जनता से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं। अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव संतोष सुमन के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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