सावन स्पेशल: साबूदाना भिगोना भूल गए? मिनटों में बनाएं मोती जैसी खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी

सावन व्रत में साबूदाना भिगोना भूल गए हैं? जानिए बिना भिगोए प्रेशर कुकर में मोती जैसी खिली - खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने की आसान रेसिपी और जरूरी टिप्स जानिए।

सावन व्रत के दौरान अगर आप साबूदाना भिगोना भूल गए हैं तो भी स्वादिष्ट खिचड़ी बना सकते हैं। प्रेशर कुकर और स्टीम की आसान ट्रिक से बिना घंटों इंतजार किए मोती जैसी खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी तैयार हो जाती है।

Sabudana Khichdi Recipe: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान अधिकांश घरों में फलाहारी व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनमें साबूदाना खिचड़ी सबसे लोकप्रिय है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक ऊर्जा भी देती है। हालांकि, इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि इसे बनाने से पहले कई घंटों तक साबूदाना भिगोना पड़ता है। लेकिन अगर अचानक खिचड़ी बनाने का मन हो जाए और आपको याद आए कि साबूदाना भिगोया ही नहीं गया, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। एक आसान किचन ट्रिक की मदद से बिना भिगोए भी मोती जैसी खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी तैयार की जा सकती है। सही तकनीक अपनाने पर हर दाना अलग-अलग रहेगा और खिचड़ी का स्वाद भी बेहतरीन आएगा।

बिना भिगोए भी तैयार होगा परफेक्ट साबूदाना

आमतौर पर साबूदाना को 5 से 8 घंटे तक पानी में भिगोया जाता है, ताकि वह नरम हो जाए। लेकिन समय की कमी होने पर प्रेशर कुकर की स्टीमिंग विधि एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस तरीके में साबूदाना को पहले अच्छी तरह धोया जाता है और फिर हल्की स्टीम देकर पकाया जाता है। इससे दाने अंदर से मुलायम हो जाते हैं, लेकिन आपस में चिपकते नहीं हैं। बाद में ठंडे पानी से धोने पर हर दाना अलग-अलग हो जाता है।

सबसे पहले करें साबूदाना तैयार

सबसे पहले साबूदाना को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें, ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद पानी पूरी तरह निकाल दें। अब साबूदाना को एक स्टील के डिब्बे में डालें। इसमें एक छोटा चम्मच देसी घी, स्वादानुसार सेंधा नमक, एक चुटकी चीनी और बहुत थोड़ा पानी डालकर हल्के हाथों से मिला लें। ध्यान रखें कि अधिक पानी न डालें, क्योंकि इससे साबूदाना चिपचिपा हो सकता है।

प्रेशर कुकर में ऐसे करें स्टीम

अब एक प्रेशर कुकर में लगभग एक गिलास पानी डालें। कुकर के अंदर साबूदाने वाला बंद स्टील का डिब्बा रखें। चाहें तो साथ में दो साबुत आलू भी रख सकते हैं, ताकि वे भी एक साथ उबल जाएं। कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर तीन सीटी आने तक पकाएं। इसके बाद गैस बंद कर दें और प्रेशर अपने आप निकलने दें। यह प्रक्रिया साबूदाने को धीरे-धीरे पकाती है और उसका टेक्सचर बेहतर बनाए रखती है।

ठंडे पानी की ट्रिक से बनेंगे अलग-अलग दाने

स्टीम होने के बाद साबूदाना थोड़ा चिपका हुआ दिखाई दे सकता है। इसे छलनी में निकालें और ऊपर से ठंडा पानी डालते हुए हल्के हाथों से धो लें। यही इस रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है। ठंडा पानी अतिरिक्त स्टार्च को हटाता है और दानों को अलग-अलग कर देता है। इससे खिचड़ी बनाते समय साबूदाना गीला या लिसलिसा नहीं होता।

स्वादिष्ट तड़का तैयार करने की विधि

एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। इसमें जीरा डालें और उसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च तथा कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर हल्का भून लें। यदि आप व्रत में टमाटर खाते हैं तो बारीक कटा टमाटर भी डाल सकते हैं और उसे नरम होने तक पकाएं। इससे खिचड़ी में हल्का खट्टापन और स्वाद बढ़ जाता है। अब पहले से उबले आलू के छोटे-छोटे टुकड़े डालें और उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भून लें।

अब तैयार करें साबूदाना खिचड़ी

तैयार तड़के में स्टीम किया हुआ साबूदाना डालें। इसके बाद स्वादानुसार सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी, दरदरी काली मिर्च और भुनी हुई दरदरी मूंगफली मिलाएं। सभी सामग्री को हल्के हाथ से चलाएं ताकि साबूदाने के दाने टूटें नहीं। केवल 2 से 3 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। ज्यादा देर तक चलाने से साबूदाना चिपक सकता है।

आखिर में ऐसे बढ़ाएं स्वाद

गैस बंद करने से पहले ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा सा नींबू का रस डालें। चाहें तो भुना हुआ जीरा पाउडर भी छिड़क सकते हैं। इससे खिचड़ी का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं। यदि व्रत के नियमों में अनुमति हो तो थोड़ी सी काली मिर्च भी स्वाद को और बेहतर बनाती है।

बेहतर परिणाम के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। साबूदाना को कभी भी अधिक पानी में न पकाएं। स्टीम के बाद ठंडे पानी से धोना न भूलें, क्योंकि यही दानों को अलग रखने का सबसे असरदार तरीका है। मूंगफली को पहले से भूनकर रखने से उसका स्वाद और कुरकुरापन बढ़ जाता है। साथ ही खिचड़ी को अधिक देर तक चलाने से बचें, क्योंकि इससे दाने टूट सकते हैं और बनावट खराब हो सकती है।

व्रत में साबूदाना क्यों है फायदेमंद?

साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो उपवास के दौरान शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। जब इसमें मूंगफली, आलू और देसी घी मिलाया जाता है तो यह स्वाद के साथ-साथ पोषण भी बढ़ाता है। हालांकि, साबूदाना में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा सीमित होती है। इसलिए संतुलित मात्रा में इसका सेवन करना बेहतर माना जाता है। इसे दही, मूंगफली या अन्य पौष्टिक फलाहारी खाद्य पदार्थों के साथ खाने से भोजन अधिक संतुलित बन सकता है।

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