सावन सोमवार के व्रत में स्वादिष्ट और पौष्टिक फलाहार की तलाश कर रहे लोगों के लिए साबूदाना वड़ा बेहतरीन विकल्प है। यह बाहर से कुरकुरा, अंदर से मुलायम होता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
Sawan Vrat Recipe: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सावन सोमवार का व्रत रखते हैं और फलाहारी भोजन का सेवन करते हैं। व्रत के दौरान ऐसा भोजन चुनना जरूरी होता है जो स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी प्रदान करे। इसी कारण साबूदाना वड़ा व्रत के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल है। साबूदाना, उबले आलू और भुनी हुई मूंगफली से तैयार होने वाला यह स्नैक बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। इसे बनाना आसान है और इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। यदि आप सावन सोमवार, नवरात्रि या किसी भी उपवास के लिए झटपट बनने वाली रेसिपी तलाश रहे हैं, तो साबूदाना वड़ा एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
साबूदाना वड़ा क्यों है व्रत के लिए उपयुक्त?
साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। वहीं, मूंगफली में प्रोटीन और हेल्दी फैट मौजूद होते हैं, जबकि आलू पेट भरने में मदद करता है। इन तीनों का संतुलित मिश्रण लंबे समय तक भूख का एहसास कम कर सकता है और व्रत के दौरान शरीर को सक्रिय बनाए रखने में सहायक होता है।
साबूदाना वड़ा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
- 1 कप साबूदाना
- 3 उबले हुए आलू
- 1 कप भुनी हुई मूंगफली (दरदरी पिसी हुई)
- 4–5 बारीक कटी हरी मिर्च
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
- 1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक (स्वादानुसार)
- तलने के लिए घी या तेल
साबूदाना वड़ा बनाने की आसान विधि

1. साबूदाना तैयार करें
सबसे पहले साबूदाना को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे लगभग 5 घंटे या रातभर के लिए इतना पानी डालकर भिगोएं कि वह बस डूब जाए। जब साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए और दाने अलग-अलग दिखाई दें, तब अतिरिक्त पानी निकाल दें।
2. मूंगफली तैयार करें
मूंगफली को धीमी आंच पर सूखा भून लें। ठंडी होने पर उसका छिलका निकालें और दरदरा पीस लें। मूंगफली को बहुत बारीक पीसने से वड़ों का टेक्सचर प्रभावित हो सकता है।
3. मिश्रण तैयार करें
एक बड़े बाउल में भीगा हुआ साबूदाना, मैश किए हुए उबले आलू, दरदरी मूंगफली, सेंधा नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर एक समान मिश्रण तैयार करें।
4. वड़े का आकार दें
मिश्रण से छोटे-छोटे गोले बनाएं और उन्हें हल्का दबाकर वड़े का आकार दें। यदि मिश्रण अधिक नरम लगे तो उसमें थोड़ी और दरदरी मूंगफली मिलाई जा सकती है।
5. सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें
एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। मध्यम आंच पर वड़ों को धीरे-धीरे तलें। दोनों तरफ से सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक पकाएं। तैयार वड़ों को टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
किसके साथ परोसें?
गरमा-गरम साबूदाना वड़ा को व्रत वाली हरी धनिया की चटनी, दही या मूंगफली की चटनी के साथ परोसा जा सकता है। चाहें तो इसे गर्म चाय या नींबू वाली फलाहारी ड्रिंक के साथ भी परोस सकते हैं।
परफेक्ट साबूदाना वड़ा बनाने के लिए जरूरी टिप्स
साबूदाना को जरूरत से ज्यादा पानी में न भिगोएं, क्योंकि इससे मिश्रण चिपचिपा हो सकता है।
तेल या घी अच्छी तरह गर्म होने के बाद ही वड़े तलें, ताकि वे टूटें नहीं और समान रूप से कुरकुरे बनें।
मूंगफली को दरदरा पीसने से वड़ों में बेहतर स्वाद और क्रंच आता है।
यदि मिश्रण अधिक गीला लगे तो थोड़ा और दरदरा मूंगफली पाउडर मिलाकर उसे संतुलित करें।
वड़ों को तेज आंच पर तलने से वे बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकते हैं लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं, इसलिए मध्यम आंच सबसे उपयुक्त रहती है।
व्रत में क्यों पसंद किया जाता है साबूदाना?
भारत के कई हिस्सों में सावन, नवरात्रि और अन्य धार्मिक उपवासों के दौरान साबूदाना से बनी रेसिपियां विशेष रूप से बनाई जाती हैं। इसका कारण यह है कि साबूदाना हल्का होने के साथ पर्याप्त ऊर्जा भी देता है। यही वजह है कि साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना खीर और साबूदाना वड़ा जैसे व्यंजन व्रत के दौरान काफी लोकप्रिय हैं।
स्वाद और सेहत का बेहतरीन संतुलन
यदि साबूदाना वड़ा सीमित मात्रा में और संतुलित तरीके से बनाया जाए, तो यह स्वाद और ऊर्जा दोनों का अच्छा स्रोत बन सकता है। भुनी हुई मूंगफली, आलू और साबूदाना का मेल इसे भरपेट और संतोषजनक फलाहार बनाता है। परिवार के सभी सदस्य इसे पसंद करते हैं और यह त्योहारों या उपवास के अवसर पर मेहमानों के लिए भी बेहतरीन स्नैक साबित हो सकता है।













