सई ताम्हणकर: ‘मटका किंग’ की स्टार ने टाइपकास्टिंग, करियर चॉइस और पर्सनल लाइफ पर खोले दिलचस्प राज

‘मटका किंग’ फिल्म की स्टार Sai Tamhankar ने अपने करियर, टाइपकास्टिंग की चुनौतियों और निजी जिंदगी को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। जानिए उनके अभिनय सफर

वेब सीरीज Matka King में अपने दमदार किरदार ‘बरखा’ के साथ सुर्खियां बटोर रहीं अभिनेत्री Sai Tamhankar ने अपने करियर, अभिनय की चुनौतियों और निजी जीवन को लेकर खुलकर बातचीत की है। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में इंडस्ट्री के अनुभवों और अपने सोचने के तरीके पर कई अहम बातें साझा कीं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: साई ताम्हणकर इन दिनों वेब सीरीज मटका किंग में नजर आ रही हैं, जो 1960 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित एक कहानी पेश करती है। इस सीरीज में वह ‘बरखा’ नाम के दमदार किरदार में दिखाई दे रही हैं, जिसे दर्शकों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने किरदार के साथ-साथ इंडस्ट्री में टाइपकास्टिंग, पैन-इंडिया ट्रेंड, बदलते समय में एक्टिंग की चुनौतियों और अपनी निजी जिंदगी पर खुलकर बात की। 

उन्होंने यह भी साझा किया कि कैसे आज के दौर में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स कलाकारों को अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का बेहतर मौका दे रहे हैं और उनकी क्रिएटिव ग्रोथ को बढ़ा रहे हैं।

‘मटका किंग’ का हिस्सा बनना एक भावनात्मक फैसला था

सई ताम्हणकर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि निर्देशक के साथ उनकी पुरानी बातचीत और काम का अनुभव उन्हें इस सीरीज की ओर खींच लाया। उनके अनुसार, जैसे ही उन्हें पता चला कि इस प्रोजेक्ट का निर्देशन वही कर रहे हैं जिनके साथ वह पहले काम कर चुकी हैं, उन्होंने तुरंत हां कह दिया। सई ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में बेहतरीन कलाकारों और टीम के साथ काम करने का मौका मिला, जिसने इसे और खास बना दिया।

सीरीज की कहानी 1960 के दशक पर आधारित है, जिसमें उस समय की लाइफस्टाइल और संस्कृति को दिखाया गया है। सई ताम्हणकर ने कहा कि उस दौर की सादगी और जीवन जीने का अंदाज उन्हें बहुत आकर्षित करता है। उन्होंने बताया कि 50 से 90 के दशक का समय उन्हें स्टाइल, फैशन और जीवन की गुणवत्ता के लिहाज से बेहद खूबसूरत लगता है। वेलवेट जैसे फैब्रिक्स और क्लासिक फैशन उस दौर को खास बनाते थे। सई ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिले, तो वह उस दौर में कुछ समय के लिए जरूर लौटना चाहेंगी।

सई ताम्हणकर: ‘मटका किंग’ की स्टार ने टाइपकास्टिंग, करियर चॉइस और पर्सनल लाइफ पर खोले दिलचस्प राज

ओटीटी, फिल्म और थिएटर—हर माध्यम की अपनी चुनौती

Sai Tamhankar ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक अभिनेता के लिए हर माध्यम अलग चुनौती लेकर आता है। ओटीटी प्लेटफॉर्म, फिल्म और थिएटर—तीनों की अपनी अलग प्रकृति है। ओटीटी में ब्रेक के बाद किरदार में वापस लौटना कठिन होता है, जबकि फिल्मों में लगातार शूटिंग से किरदार में डूबे रहने का मौका मिलता है। थिएटर को उन्होंने सबसे अलग और एनर्जेटिक माध्यम बताया, जहां लाइव परफॉर्मेंस के कारण अनुशासन और फोकस बेहद जरूरी होता है।

उन्होंने कहा कि अभिनय का कोई तय फॉर्मूला नहीं है और हर प्रोजेक्ट एक नया अनुभव होता है। पैन इंडिया फिल्मों और कंटेंट के बढ़ते ट्रेंड पर बात करते हुए सई ताम्हणकर ने कहा कि इसका असली उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचना है। उनके अनुसार, हर कलाकार चाहता है कि उसका काम व्यापक स्तर पर देखा जाए और सराहा जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सफलता सिर्फ पहुंच पर नहीं, बल्कि कंटेंट की गुणवत्ता और दर्शकों के रिस्पॉन्स पर भी निर्भर करती है।

टाइपकास्टिंग से बचने के लिए ‘ना’ कहना जरूरी

इंडस्ट्री में टाइपकास्टिंग को लेकर सई ताम्हणकर ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि एक ही तरह के रोल लगातार मिलने से कलाकार सीमित हो जाता है। उनका मानना है कि इससे बचने के लिए कई बार ऐसे ऑफर्स को ‘ना’ कहना पड़ता है जो एक जैसे किरदारों में बांध देते हैं। हालांकि यह निर्णय आसान नहीं होता, क्योंकि इससे करियर और आर्थिक स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि खुद को नए किरदारों में ढालने के लिए रिस्क लेना जरूरी है, तभी कलाकार आगे बढ़ पाता है। सई ने सोशल मीडिया और पब्लिक लाइफ के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पब्लिक फिगर बनने के बाद निजी जीवन काफी सीमित हो जाता है। उन्होंने बताया कि फैंस का प्यार अच्छा लगता है, लेकिन कई बार निजी स्पेस की कमी महसूस होती है। सई के अनुसार, यह एक ऐसी स्थिति है जिसे कलाकार धीरे-धीरे स्वीकार करना सीखता है।

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