हरियाणा के गुरुग्राम में एक PG में MBBS छात्र का कई दिन पुराना शव फंदे पर लटका मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस पोस्टमॉर्टम व CCTV फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में एक 30 वर्षीय एमबीबीएस छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्र का शव एक पीजी (पेइंग गेस्ट) कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना का खुलासा तब हुआ जब कमरे से तेज बदबू आने लगी और आसपास रहने वालों को अनहोनी का संदेह हुआ।
पुलिस के अनुसार, शव लगभग चार से पांच दिन पुराना था और सड़ने की स्थिति में था, जिससे यह संकेत मिलता है कि मौत कुछ दिन पहले ही हो चुकी थी।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान अंकित (30) के रूप में हुई है, जो हरियाणा के नारनौल क्षेत्र के खामपुर गांव का निवासी था। वह एमबीबीएस के अंतिम वर्ष का छात्र था और पढ़ाई के सिलसिले में गुरुग्राम में रह रहा था।
अंकित जनवरी 2026 से शहर के कुशला गांव स्थित एक पीजी में रह रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह शांत स्वभाव का था और ज्यादा सामाजिक नहीं था। अधिकांश समय वह अपने कमरे में पढ़ाई करता था।
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कैसे सामने आई घटना?
घटना उस समय सामने आई जब पीजी के एक कमरे से लगातार दुर्गंध आने लगी। पीजी संचालक कपिल यादव और अन्य किरायेदारों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
स्थिति गंभीर लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, जहां अंदर अंकित का शव फंदे से लटका हुआ मिला।
आखिरी बार 15 अप्रैल को हुई थी बातचीत
पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित ने आखिरी बार 15 अप्रैल को अपने परिवार से बात की थी। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद था।
परिजनों ने शुरू में इसे सामान्य समझा और सोचा कि वह पढ़ाई में व्यस्त होगा, लेकिन कई दिनों तक संपर्क न होने पर भी किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ।
पुलिस जांच: कई पहलुओं की हो रही पड़ताल
मामले की जांच कर रही Haryana Police की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
- फिलहाल पुलिस निम्न बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच
- पीजी परिसर के CCTV फुटेज का विश्लेषण
- मृतक के व्यक्तिगत और शैक्षणिक जीवन से जुड़े पहलू
सुसाइड नोट नहीं मिला, जांच और गहरी
पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे मामले की गुत्थी और जटिल हो गई है। जांच अधिकारी के अनुसार, सभी संभावित एंगल—मानसिक दबाव, व्यक्तिगत कारण या अन्य परिस्थितियां—को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर छात्रों, खासकर मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक पढ़ाई का दबाव, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक अलगाव कई बार गंभीर मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं।
हालांकि, इस मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, क्योंकि जांच जारी है।










