इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है। F&O एक्सपायरी, GDP और विदेशी आंकड़े, साथ ही ट्रंप के 15% टैरिफ फैसले निवेशकों की सतर्कता बढ़ाएंगे। बाजार की दिशा पर ये सभी कारक असर डाल सकते हैं।
Stock Market: यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए फिर से उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। घरेलू आर्थिक आंकड़े, मासिक फ्यूचर्स-ऑप्शंस (F&O) की एक्सपायरी और अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसले निवेशकों की सतर्कता बढ़ा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये सभी कारक मिलकर बाजार की दिशा को प्रभावित करेंगे।
घरेलू आंकड़े और F&O एक्सपायरी का असर
रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा का कहना है कि 24 फरवरी को मासिक F&O एक्सपायरी होने जा रही है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है। घरेलू मोर्चे पर इस हफ्ते GDP के आंकड़े, सरकार का बजट डेटा, विदेशी मुद्रा भंडार और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के साल-दर-साल नंबर आने वाले हैं। इन आंकड़ों से निवेशक कंपनियों की कमाई की रफ्तार और बाजार की संभावित दिशा को समझ पाएंगे।
ट्रंप के टैरिफ से नई टेंशन
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई देशों समेत भारत पर 150 दिनों के लिए 10 फीसदी टैरिफ लगाया। अगले ही दिन इसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। इससे व्यापार में नई अड़चनें पैदा होने और वैश्विक बाजारों में असर की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ गैरकानूनी हैं। कोर्ट का कहना था कि राष्ट्रपति ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का उपयोग कर सीमा लांघ दी। यह उनके दूसरे कार्यकाल की बड़ी आर्थिक योजनाओं के लिए चुनौती बन सकता है।
अजीत मिश्रा के अनुसार, निवेशक इस नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के असर को करीब से देखेंगे। यह ट्रेंड, टैरिफ की संरचना और वैश्विक रिस्क मूड को प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक माहौल और कच्चे तेल की कीमतें
जियो जित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका-ईरान के संबंधों की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों का उतार-चढ़ाव और वैश्विक मौद्रिक नीतियों के संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। इसके अलावा भारत के GDP डेटा से यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि कंपनियों की कमाई में गति कैसी रहेगी और बाजार किस तरह पोजिशन करेगा।
पिछले हफ्ते का बाजार हाल
पिछले हफ्ते घरेलू बाजार का मूड मिला-जुला रहा। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। निफ्टी 100.15 अंक यानी 0.39 फीसदी ऊपर रहा। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर और कुछ चुनिंदा FMCG शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई, जिससे वैश्विक अनिश्चितता का असर कम हुआ।
आईटी सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। एआई से जुड़ी चुनौतियां और मार्जिन पर पड़ने वाला असर चिंता का कारण रहे। हालांकि, बड़े शेयरों में मजबूती, कुछ विशेष सेक्टर्स में निवेश और भारत की Pax Silica में हिस्सेदारी को लेकर उम्मीद बनी रहने से बाजार पॉजिटिव नोट पर समाप्त हुआ।










