SIR विवाद पर CM साय का राहुल गांधी पर हमला, कहा- चुनाव आयोग से देश से माफी मांगें

SIR विवाद में CM विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी से चुनाव आयोग और देश से माफी मांगने को कहा। EC ने 26 सितंबर को SIR फैसले सर्वसम्मति से होने की बात कही।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने SIR विवाद को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए राहुल गांधी से आयोग और देश से माफी मांगने की मांग की।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को SIR विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान साय ने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे। उन्होंने राहुल गांधी से चुनाव आयोग और देश से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की।

SIR विवाद को लेकर कांग्रेस पर CM साय का हमला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने SIR को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। साय ने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।

साय ने चुनाव आयोग के 26 सितंबर के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि SIR से संबंधित फैसले आयोग के तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से लिए गए थे। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि 24 जून 2025 को जारी राष्ट्रव्यापी SIR आदेश को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी।

राहुल गांधी से माफी की मांग

साय ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस को अपने आरोपों पर देश और चुनाव आयोग से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी पहले भी माफी मांग चुके हैं, लेकिन बाद में इसी तरह के बयान दोहराए गए। साय ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं।

चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण पर कांग्रेस का अलग रुख

चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को SIR से संबंधित निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही थी। आयोग ने यह भी बताया कि SIR के दौरान जिन लोगों को नाम मैप न होने या अन्य तार्किक विसंगतियों को लेकर नोटिस जारी हुए हैं, उनके दस्तावेज जुटाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी उनके घर जा सकेंगे। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा और ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा को मजबूत किया जाएगा।

हालांकि, कांग्रेस ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया है और आयोग की निष्पक्षता तथा उसकी कार्यप्रणाली को लेकर अपने सवाल बरकरार रखे हैं। इस तरह SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।

कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर भी साय ने दी प्रतिक्रिया

पत्रकार वार्ता में एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र का भी मुद्दा उठा। इस पर साय ने कहा कि संबंधित पत्र SIR या किसी नीतिगत विषय से जुड़ा नहीं था, बल्कि सामान्य प्रशासनिक मामला था।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राष्ट्रपति के प्रति जवाबदेह है और इसलिए नीतिगत मामलों में कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने का सवाल नहीं उठता। चुनाव आयोग ने भी SIR विवाद के बीच प्रशासनिक मामलों और आयोग के निर्णयों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

पत्रकार वार्ता में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद संतोष पांडेय और नवीन मार्कंडेय भी मौजूद रहे। SIR को लेकर सामने आए आरोपों और चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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