हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मंगलवार को भारी बारिश के बीच एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। नाहन विकासखंड की बर्मा पापड़ी पंचायत में रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक बुजुर्ग नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। उन्हें बचाने की कोशिश में जलशक्ति विभाग का एक कर्मचारी भी नदी के बीच फंस गया। कई घंटे तक प्रशासन, पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल की कोशिशों के बाद भी जब बुजुर्ग तक पहुंचना मुश्किल रहा तो भारतीय सेना की मदद ली गई। सेना के हेलिकॉप्टर ने अंधेरे और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच अभियान चलाकर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला।
जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्ग की पहचान बनारसी दास के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर नदी के आसपास अपने भैंसों को चराने गए थे। इसी दौरान इलाके में हुई मूसलाधार बारिश के कारण रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते बनारसी दास नदी के बीच ऐसे स्थान पर फंस गए, जहां से अपने दम पर बाहर निकलना उनके लिए संभव नहीं था। स्थानीय लोगों ने जब उन्हें फंसा देखा तो तत्काल इसकी सूचना प्रशासन और बचाव दल को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, दमकल विभाग और अन्य राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। नदी में पानी का बहाव लगातार तेज था, इसलिए जमीन के रास्ते बुजुर्ग तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा हो गया था। बचाव दल ने अलग-अलग तरीकों से उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। ड्रोन की मदद से भी स्थिति का आकलन करने और रेस्क्यू की कोशिश की गई, लेकिन तेज बहाव और लगातार बदलते हालात के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
बुजुर्ग को बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी लोग प्रयास कर रहे थे। एक अन्य व्यक्ति उन्हें बचाने के लिए नदी की ओर गया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह खुद फंस गया। बाद में सामने आया कि नदी में फंसा दूसरा व्यक्ति जलशक्ति विभाग का कर्मचारी अंशुल था। PTI की रिपोर्ट के अनुसार अंशुल की उम्र 32 वर्ष है। उन्होंने बुजुर्ग को बचाने के लिए नदी में जाने की कोशिश की थी, लेकिन वह भी वापस नहीं लौट सके और तेज बहाव के बीच फंस गए।
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने सेना की सहायता लेने का फैसला किया। अधिकारियों ने चंडीगढ़ से सेना का हेलिकॉप्टर मंगवाया। शाम तक जमीन से रेस्क्यू के प्रयास लगातार जारी रहे, लेकिन नदी का बहाव और अंधेरा दोनों बड़ी चुनौती बन चुके थे। इसके बाद सेना के हेलिकॉप्टर ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। PTI के अनुसार सेना के हेलिकॉप्टर ने पहले बुजुर्ग बनारसी दास को एयरलिफ्ट किया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्ग को भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट करने के बाद सहारनपुर स्थित सेना अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उपचार के बाद उन्हें उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जानी थी। नाहन के एसडीएम राजीव संख्यान ने रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। मौके पर सिरमौर की डीसी प्रियंका वर्मा और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अंधेरा और नदी का तेज बहाव था। PTI के मुताबिक, सेना का हेलिकॉप्टर शाम करीब 8 बजे बचाव अभियान में जुटा और लगभग एक घंटे के भीतर चुनौतीपूर्ण अभियान को पूरा किया। स्थानीय लोगों ने भी इस पूरे ऑपरेशन में प्रशासन और सेना की मदद की।
दूसरे फंसे व्यक्ति अंशुल को भी बाद में बचाव दल ने सुरक्षित निकाल लिया। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार जलशक्ति विभाग के इस कर्मचारी को एनडीआरएफ और होमगार्ड के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया। इस तरह नदी के बीच फंसे दोनों लोगों को सुरक्षित निकालने में राहत-बचाव टीमों को सफलता मिली।
इस घटना ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान नदी-नालों के अचानक बढ़ते जलस्तर के खतरे को सामने ला दिया है। सिरमौर जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद कई जगह नदी और नालों में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया। ऐसे हालात में सामान्य दिखाई देने वाली नदी भी कुछ ही समय में बेहद खतरनाक रूप ले सकती है। रूण नदी में हुआ यह घटनाक्रम भी इसी तरह के अचानक बढ़े जलस्तर का नतीजा बताया जा रहा है।
प्रशासन और राहत दलों के लिए भी यह अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि बुजुर्ग तक सीधे पहुंचने का कोई सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं था। नदी का बहाव लगातार तेज होने के कारण बचाव दल को अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ा। पहले स्थानीय स्तर पर प्रयास किए गए, इसके बाद ड्रोन की मदद ली गई और अंत में सेना के हेलिकॉप्टर को बुलाना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया से पता चलता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान आपातकालीन बचाव अभियान कितनी कठिन परिस्थितियों में चलाए जाते हैं।
इस रेस्क्यू में स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। जैसे ही ग्रामीणों को नदी में बुजुर्ग के फंसे होने की जानकारी मिली, उन्होंने प्रशासन को सूचना दी और मौके पर पहुंचकर बचाव दल के साथ सहयोग किया। बुजुर्ग को बचाने के लिए नदी में उतरने वाले जलशक्ति कर्मचारी ने भी जोखिम उठाया, हालांकि वह खुद तेज बहाव में फंस गए। बाद में एनडीआरएफ और होमगार्ड ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से हेलिकॉप्टर की मदद उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। वहीं नाहन के पूर्व विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी मुख्यमंत्री को आपात स्थिति की जानकारी देने और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद प्रशासन की ओर से सेना की सहायता ली गई और बुजुर्ग को एयरलिफ्ट किया गया।
हिमाचल में लगातार बारिश के कारण इन दिनों कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों से नदी, नाले और खड्डों के आसपास जाने से बचने की अपील की जाती रही है। खासकर बारिश के दौरान नदी का जलस्तर कुछ ही मिनटों में बदल सकता है और ऊपर के क्षेत्रों में हुई बारिश का असर नीचे के इलाकों में अचानक दिखाई दे सकता है। रूण नदी की घटना इसी खतरे का एक उदाहरण है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि कई घंटे तक मुश्किल परिस्थितियों में फंसे दोनों लोगों को आखिरकार सुरक्षित निकाल लिया गया। बुजुर्ग को सेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया, जबकि उन्हें बचाने गए जलशक्ति कर्मचारी को एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने मौके पर मौजूद सभी बचाव दलों के साथ समन्वय बनाकर अभियान चलाया।









