परीक्षा में असफलता के बाद IIT मंडी के PhD छात्र ने की आत्महत्या, किराये के मकान में मिला शव

IIT मंडी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के PhD छात्र गुरप्रीत सिंह ने कथित तौर पर परीक्षा में असफलता के बाद आत्महत्या कर ली। किराये के मकान में शव मिला।
परीक्षा में असफलता के बाद IIT मंडी के PhD छात्र ने की आत्महत्या, किराये के मकान में मिला शव
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हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Mandi) से एक दुखद मामला सामने आया है। संस्थान में मैकेनिकल इंजीनियरिंग से PhD कर रहे छात्र गुरप्रीत सिंह की मौत हो गई। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा में असफल रहने के बाद छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उसका शव मंडी जिले के कटौला क्षेत्र स्थित किराये के मकान में मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

गुरप्रीत सिंह IIT मंडी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय में शोध कर रहे थे। वह संस्थान के नियमित शैक्षणिक और शोध कार्यक्रम से जुड़े हुए थे। IIT मंडी में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर के कई कार्यक्रम संचालित होते हैं और संस्थान का अकादमिक विभाग PhD छात्रों के पाठ्यक्रम, शोध तथा थीसिस से जुड़े कार्यों को संभालता है।

रिपोर्ट के अनुसार, हाल में हुई एक परीक्षा में असफल रहने के बाद गुरप्रीत तनाव में थे। इसी के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि किसी व्यक्ति की आत्महत्या के पीछे केवल एक कारण को अंतिम वजह मानना उचित नहीं होता। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में भी शोक का माहौल है। IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में शोध कर रहे छात्र की इस तरह मौत की खबर से शिक्षण और छात्र समुदाय में भी चिंता पैदा हुई है। PhD के दौरान छात्रों को लंबे समय तक शोध, पाठ्यक्रम, परीक्षाओं और अकादमिक मूल्यांकन से गुजरना पड़ता है। ऐसे में परीक्षा या अकादमिक प्रदर्शन से जुड़ा दबाव कुछ छात्रों के लिए बेहद कठिन हो सकता है।

IIT मंडी के आधिकारिक अकादमिक रिकॉर्ड के अनुसार संस्थान में PhD और अन्य शोध कार्यक्रमों के लिए अलग अकादमिक प्रशासनिक व्यवस्था है। संस्थान का अकादमिक विभाग PG और PhD छात्रों से जुड़े प्रवेश, शोध समन्वय, परिणाम और थीसिस संबंधी कार्य देखता है।

इस घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक दबाव और समय रहते सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत पर सवाल खड़े किए हैं। परीक्षा में सफलता-असफलता किसी छात्र के पूरे भविष्य या क्षमता का अंतिम पैमाना नहीं होती। विशेषज्ञ लंबे समय से छात्रों को कठिन दौर में परिवार, मित्रों, शिक्षकों या पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संपर्क करने की सलाह देते रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र की मौत से जुड़े सभी पहलुओं, उसके हालिया अकादमिक प्रदर्शन और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

ऐसे किसी भी संकट या आत्महत्या के विचार की स्थिति में व्यक्ति को अकेले न रहने और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या स्थानीय आपातकालीन/मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संपर्क करने की जरूरत है। भारत में टेली-मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 उपलब्ध है।

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