केरल में रास्ता रोकने के विवाद पर मुख्यमंत्री की सफाई, चेंथी अनिल पर लगाए गंभीर आरोप

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने चेंथी अनिल से जुड़े विवाद पर सफाई दी। कैबिनेट ने 18 शिक्षक रैंक लिस्ट की अवधि बढ़ाने और 3 विशेष NDPS कोर्ट को मंजूरी दी।

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने चेंथी अनिल से जुड़े रास्ता रोकने के विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि वह पुष्पांजलि के लिए वाहन से उतरे थे। मंत्रिमंडल ने 18 शिक्षक रैंक सूचियों की अवधि बढ़ाने और तीन विशेष NDPS अदालतें बनाने का फैसला किया।

तिरुवंतपुरम: केरल में कांग्रेस नेता चेंथी अनिल से जुड़े रास्ता रोकने के विवाद को लेकर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होना था, क्योंकि पुलिस रिपोर्ट और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि होने की बात सामने आई थी।

तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला करीब दो सप्ताह पहले ही लिया जा चुका था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रास्ते में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को खड़े देखकर वह वाहन से नीचे उतरे थे, न कि किसी ने उन्हें जबरन रोका था।

कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला पहले ही लिया था

मुख्यमंत्री के मुताबिक, संबंधित कार्यक्रम को लेकर पुलिस की रिपोर्ट पहले ही मिल चुकी थी। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्ति की कथित आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी थी।

इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने करीब दो सप्ताह पहले ही कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की जानकारी दे दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में चेम्पाझंथी की ओर जाते समय उन्हें सड़क पर पार्टी कार्यकर्ता और नेता दिखाई दिए। इसी वजह से वह वाहन से नीचे उतरे।

उन्होंने दावा किया कि वहां किसी ने उन्हें रोका नहीं था और उनका वाहन रोकने की स्थिति नहीं बनी थी। मुख्यमंत्री के इस बयान से घटना को लेकर सामने आए राजनीतिक आरोपों पर उनकी तरफ से अलग तस्वीर पेश हुई है।

पुष्पांजलि के लिए वाहन से उतरे थे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने बताया कि वह पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए वाहन से नीचे उतरे थे। इसी दौरान चेंथी अनिल ने कथित तौर पर उनके साथ बेहद खराब तरीके से बातचीत की और उन्हें आगे जाने से रोकने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौके पर तनाव बढ़ने और संभावित टकराव को देखते हुए उन्होंने वापस वाहन में बैठना बेहतर समझा। उनके अनुसार, ऐसा किसी विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए किया गया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, मामला पुलिस की ओर से दर्ज किया गया है और इसे किसी राजनीतिक दबाव के तहत दर्ज किए जाने का दावा उन्होंने नहीं किया।

चेंथी अनिल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते: मुख्यमंत्री

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से चेंथी अनिल की कांग्रेस संगठन में स्थिति और क्या वह जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के सदस्य हैं, इस बारे में भी सवाल किया।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चेंथी अनिल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चेंथी अनिल की पत्नी पहले पार्षद थीं। चुनाव के बाद उनकी मृत्यु होने पर वह उनके घर गए थे। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में कहा कि चेंथी अनिल से उनका व्यक्तिगत परिचय नहीं है।

विवाद के राजनीतिक मायने

केरल में कांग्रेस से जुड़े नेताओं के बीच सामने आया यह विवाद ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राज्य की राजनीति में संगठनात्मक गतिविधियां और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा जारी है।

मुख्यमंत्री के बयान ने मामले में उनके पक्ष को स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार करने के पीछे पुलिस रिपोर्ट और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी को प्रमुख कारण बताया। वहीं, रास्ते में हुई घटना को उन्होंने किसी व्यक्ति द्वारा मुख्यमंत्री को जबरन रोकने के बजाय मौके पर पैदा हुई स्थिति के रूप में पेश किया।

घटना से जुड़े अन्य पक्षों के दावों और पुलिस जांच के आधार पर ही पूरे मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शिक्षकों की 18 PSC रैंक लिस्ट की अवधि बढ़ाने की सिफारिश

मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक फैसला भी बताया। केरल मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न जिलों में शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए लोक सेवा आयोग (PSC) द्वारा तैयार 18 रैंक सूचियों की अवधि छह महीने और बढ़ाने की सिफारिश करने का फैसला किया है।

इन रैंक सूचियों की अवधि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के दौरान समाप्त होने वाली थी। सरकार ने अब इन सूचियों की वैधता छह महीने और बढ़ाने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है।

इस फैसले से उन उम्मीदवारों को राहत मिलने की संभावना है जो इन रैंक सूचियों के आधार पर शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कई कारणों से नियुक्ति प्रक्रिया में हुई देरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न प्रशासनिक कारणों से शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में देरी हुई है। इनमें जनगणना से संबंधित जिम्मेदारियां, बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO के कार्य और अंतर-जिला स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

सरकार ने इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रैंक सूचियों की अवधि बढ़ाने की सिफारिश करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया में हुई देरी के कारण उम्मीदवारों को होने वाली संभावित परेशानी को कम करना है।

रैंक सूची की अवधि बढ़ने से संबंधित पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त समय मिल सकेगा।

तीन विशेष NDPS अदालतें स्थापित करने का फैसला

मंत्रिमंडल ने राज्य में लंबित NDPS मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए तीन विशेष अदालतें स्थापित करने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये विशेष NDPS अदालतें पलक्कड़, मंजेरी और त्रिशूर में स्थापित की जाएंगी।

NDPS यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस से जुड़े मामलों की संख्या और अदालतों में लंबित मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना और लंबित मुकदमों का निपटारा जल्द करना है।

विशेष अदालतों की स्थापना से NDPS कानून के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे सामान्य अदालतों पर पड़ने वाले मुकदमों के बोझ को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

केरल सरकार के फैसलों का व्यापक असर

मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक तरफ जहां कांग्रेस नेता से जुड़े विवाद पर राजनीतिक और व्यक्तिगत आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों की जानकारी भी सामने आई।

18 शिक्षक रैंक सूचियों की अवधि बढ़ाने का फैसला सरकारी स्कूलों में नियुक्ति प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, तीन विशेष NDPS अदालतों की स्थापना लंबित नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने की सरकार की कोशिश को दर्शाती है।

फिलहाल चेंथी अनिल से जुड़े रास्ता रोकने के विवाद में मुख्यमंत्री ने अपने ऊपर लगे किसी भी तरह के अवरोध के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि वह स्वयं स्थिति को देखते हुए वाहन में वापस लौटे थे। मामले में पुलिस की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के बयान आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।

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