भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के अमेठी से पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। 17 अगस्त, सोमवार को जारी पदाधिकारियों की सूची में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी की पार्टी संगठन में एक बार फिर बड़ी वापसी हुई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। 17 अगस्त को जारी नई सूची के साथ स्मृति ईरानी को करीब दो वर्षों बाद पार्टी संगठन में प्रमुख भूमिका मिलने की चर्चा तेज हो गई है।
2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से हार के बाद स्मृति ईरानी लगातार सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं, लेकिन पार्टी में उनकी अगली बड़ी जिम्मेदारी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के फैसले ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को नई दिशा दी है। बीजेपी के लिए संगठनात्मक अनुभव रखने वाली स्मृति की नियुक्ति को पार्टी की नई रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
नितिन नवीन की नई टीम में मिली अहम भूमिका
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में युवा और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। इसी क्रम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपा जाना महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की गतिविधियों, राज्यों के साथ समन्वय और पार्टी की राजनीतिक रणनीति में महासचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
स्मृति ईरानी लंबे समय से बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल रही हैं। पार्टी संगठन से लेकर संसद और केंद्र सरकार तक, वह कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। ऐसे में उनकी नई नियुक्ति को उनके व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के उपयोग के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय राजनीति में उनकी पहचान एक प्रभावशाली वक्ता और सक्रिय संगठनात्मक नेता के रूप में रही है। आने वाले समय में विभिन्न राज्यों के चुनाव और पार्टी के विस्तार की योजनाओं के बीच उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
2024 में अमेठी से हार के बाद भी बनी रहीं सक्रिय
स्मृति ईरानी ने 2024 का लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से उनके राजनीतिक करियर और पार्टी में भविष्य की भूमिका को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, चुनावी हार के बाद भी वह बीजेपी और सार्वजनिक जीवन से दूर नहीं हुईं। अब राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर उनकी नियुक्ति को उनके संगठनात्मक करियर का नया अध्याय माना जा रहा है।
राजनीति में चुनावी हार के बाद किसी नेता की भूमिका समाप्त हो जाए, यह जरूरी नहीं होता। भारतीय राजनीति में कई नेता चुनाव हारने के बाद संगठन या सरकार में बड़ी जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। स्मृति ईरानी का राजनीतिक सफर भी इसी संदर्भ में एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है।
टीवी की दुनिया से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर

राजनीति में आने से पहले स्मृति ईरानी टेलीविजन इंडस्ट्री का चर्चित नाम थीं। उनका जन्म 23 मार्च 1976 को नई दिल्ली में हुआ। वर्ष 2000 में टेलीविजन धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली। इस शो में उनके किरदार ने उन्हें घर-घर तक पहचान दिलाई और वह भारतीय टेलीविजन की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। बाद में उन्होंने अभिनय की दुनिया से आगे बढ़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया।
स्मृति ईरानी ने वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। इसके बाद उन्होंने पार्टी में अलग-अलग स्तरों पर संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2011 में वह राज्यसभा के लिए चुनी गईं और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई।
अमेठी में राहुल गांधी को हराकर बनीं राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा चेहरा
स्मृति ईरानी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें हार मिली, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी। पांच साल बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने अमेठी में बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए राहुल गांधी को पराजित किया। यह जीत उनके राजनीतिक करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जाती है।
इसके बाद बीजेपी में उनका कद और मजबूत हुआ और वह राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने हरा दिया। इसके बावजूद उनकी संगठनात्मक और राजनीतिक सक्रियता बनी रही।
मोदी सरकार में संभाल चुकी हैं कई अहम मंत्रालय
स्मृति ईरानी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उनके पास मानव संसाधन विकास, कपड़ा, महिला एवं बाल विकास तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जैसे अहम विभाग रहे हैं। शिक्षा से जुड़े सुधारों से लेकर महिला एवं बाल कल्याण और सूचना क्षेत्र तक, उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। यही प्रशासनिक अनुभव अब उनकी नई संगठनात्मक भूमिका में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।











