संभल में दिल दहला देने वाला मामला: सोते पति पर तेजाब हमले में पत्नी को उम्रकैद, कोर्ट का फैसला

संभल कोर्ट ने पति पर तेजाब फेंकने की दोषी पत्नी कहकशां को उम्रकैद की सजा सुनाई। हमले में पति की दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी और जुर्माना भी लगाया गया।

यूपीए के संभल जिला कोर्ट ने पति पर तेजाब फेंकने की दोषी पत्नी कहकशां को उम्रकैद की सजा सुनाई। वारदात में पति की दोनों आंखों की रोशनी चली गई। पहले जहर देने के प्रयास और प्रेम प्रसंग सामने आया। कोर्ट ने जुर्माना लगाया।

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला जज गोपाल की अदालत ने आरोपी महिला कहकशां को अपने पति पर तेजाब से जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

करीब एक साल से अधिक समय तक चली सुनवाई और लगभग 10 से अधिक तारीखों के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह मामला न केवल घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, बल्कि इसमें हत्या के प्रयास और अमानवीय हमले जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल थीं।

प्रेम संबंध और बढ़ता तनाव

यह मामला 7 मार्च 2025 का है, जब मुजफ्फर अली नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी कहकशां को घर में उसके कथित प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद और तनाव काफी बढ़ गया।

अगले ही दिन स्थिति और भयावह हो गई। आरोप है कि उसी रात जब मुजफ्फर अली सो रहा था, तब पत्नी कहकशां ने उसके चेहरे और आंखों पर तेजाब डाल दिया। इस हमले से पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।

जहर देने का भी आरोप, पहले दिन से ही रची गई साजिश

विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, इस हमले से एक दिन पहले यानी 6 मार्च 2025 को आरोपी महिला पर यह भी आरोप है कि उसने अपने पति को खाने में जहर देकर जान से मारने की कोशिश की थी। हालांकि इस घटना में पीड़ित ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी।

अदालत में यह भी सामने आया कि इस साजिश में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी बताई गई, लेकिन मुख्य रूप से दोष सिद्ध होने के आधार पर कहकशां को सजा सुनाई गई।

तेजाब हमला: अमानवीय और भयावह घटना

पीड़ित मुजफ्फर अली ने अदालत को बताया कि तेजाब हमले के दौरान उनका चेहरा, आंखें, कंधा और पेट गंभीर रूप से झुलस गया था। हमले के बाद वे किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे, लेकिन आरोपी ने कथित तौर पर उनका पीछा भी किया।

उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका लगभग छह महीने तक इलाज चला। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। यह घटना घरेलू हिंसा के सबसे भयावह रूपों में से एक मानी जा रही है।

कोर्ट में सुनवाई और गवाहियों का विवरण

इस मामले की सुनवाई करीब एक वर्ष तक चली, जिसमें कुल 10 से अधिक सुनवाई तिथियां निर्धारित की गईं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया।

संभल में दिल दहला देने वाला मामला: सोते पति पर तेजाब हमले में पत्नी को उम्रकैद, कोर्ट का फैसला

27 मई 2025 को अदालत ने कहकशां को दोषी करार दिया था और अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे बाद में सुनाया गया।

पीड़ित की स्थिति: जीवनभर का अंधकार

तेजाब हमले के कारण मुजफ्फर अली की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान रह गए। लंबे इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

यह मामला न केवल शारीरिक नुकसान का है, बल्कि मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा है।

बचाव पक्ष का तर्क: फैसले पर असहमति

आरोपी महिला की वकील पिंकी शर्मा ने अदालत के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि उन्हें यह सजा उचित नहीं लगती। उन्होंने दावा किया कि मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई और कई प्रक्रियात्मक सवाल अनुत्तरित हैं।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। वकील के अनुसार, यह मामला पारिवारिक विवाद और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़ा हुआ था, जिसे अदालत ने अलग दृष्टिकोण से देखा।

अदालत का संदेश: अपराध की गंभीरता पर सख्त रुख

इस फैसले को न्यायपालिका द्वारा घरेलू हिंसा और तेजाब हमलों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। भारत में तेजाब हमलों को गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है।

यह मामला इस बात को भी दर्शाता है कि न्यायालय ऐसे अपराधों में पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर रुख अपनाते हैं।

सामाजिक पहलू: रिश्तों में बढ़ता तनाव और हिंसा

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ते घरेलू विवाद, अविश्वास और हिंसा की ओर भी इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक संबंधों में संवाद की कमी और बढ़ते तनाव ऐसे गंभीर परिणामों का कारण बन सकते हैं।

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