बिहार के खगड़िया में घर में घुसकर एक ही परिवार के पांच लोगों पर चाकू से हमला किया गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। चार लोग गंभीर घायल हैं। पुलिस ने पुराने दुकान विवाद को घटना की वजह बताया है।
खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में सोमवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों पर घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। इस हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में इलाजरत हैं।
यह घटना चौथम थाना क्षेत्र के करुआमोड़ इलाके की है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
मृतका की पहचान और घायलों की स्थिति
इस हमले में 28 वर्षीय अर्चना कुमारी की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल अन्य लोगों में उनके पिता जयकांत पासवान (50), माता पार्वती देवी (40), बेटी परी कुमारी (10) और बेटा यश कुमार (8) शामिल हैं।
घायलों में से तीन लोगों, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज खगड़िया सदर अस्पताल में जारी है। सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
रात के अंधेरे में घर में घुसे हमलावर
परिजनों के अनुसार यह हमला सुबह करीब 3 बजे उस समय हुआ जब पूरा परिवार सो रहा था। अर्चना कुमारी अपने बच्चों के साथ मायके आई हुई थीं क्योंकि स्कूल की छुट्टियां चल रही थीं।
अचानक दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने की आवाज सुनकर अर्चना ने दरवाजा खोला, जहां 4–5 लोग खड़े थे जिनके हाथों में चाकू थे। दरवाजा खुलते ही हमलावरों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और सीधे घर के अंदर घुस गए।
![]()
बच्चों और बुजुर्गों पर भी बेरहमी से हमला
हमलावर घर के अंदर उस कमरे में पहुंचे जहां अर्चना के माता-पिता और दोनों बच्चे सो रहे थे। बिना किसी बातचीत के आरोपियों ने सभी पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इस दौरान पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग जागे, लेकिन तब तक आरोपी छत के रास्ते फरार हो चुके थे।
पुराने विवाद से जुड़ा है मामला: दुकान से शुरू हुआ तनाव
परिजनों का कहना है कि इस हमले के पीछे पुराना विवाद है। अर्चना के भाई राहुल कुमार के अनुसार करीब दो साल पहले परिवार की दुकान पर कुछ युवकों ने बिना पूछे सामान उठाया था, जिसका विरोध करने पर विवाद शुरू हुआ।
इसके बाद आरोप है कि उन लोगों ने लगातार परिवार को धमकियां देना शुरू कर दिया और जमीन बेचकर गांव छोड़ने का दबाव बनाया जाता रहा।
परिवार का दावा है कि यह हमला उसी पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकता है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत
घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल खगड़िया ले जाया गया। सुबह लगभग 6:30 बजे डॉक्टरों ने अर्चना कुमारी को मृत घोषित कर दिया।
अन्य घायलों की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। एक 10 वर्षीय बच्ची समेत अन्य का इलाज जारी है।
घटना के बाद सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन
हमले और महिला की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने एनएच-107 को जाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया और यातायात सामान्य किया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस जांच और FSL टीम की कार्रवाई
डीएसपी मुकुल रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में एक महिला की मौत हुई है और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं, जिसमें खून के निशान और अन्य साक्ष्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
बच्चों पर भी हमला, गांव में दहशत का माहौल
इस हमले में एक 10 साल की बच्ची और 8 साल का बच्चा भी घायल हुए हैं, जिससे पूरे इलाके में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों और महिलाओं पर इस तरह का हमला बेहद अमानवीय और चिंताजनक है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।








