संसद सत्र के बाद बदला माहौल: स्पीकर की बैठक में पीएम मोदी और प्रियंका गांधी के ठहाके, दिखा राजनीति का सौम्य रूप

संसद सत्र के बाद राजनीति का सौम्य रूप देखने को मिला। स्पीकर की बैठक में पीएम मोदी और प्रियंका गांधी के ठहाके माहौल को हल्का करते नजर आए। संसद सत्र में पास हुए

संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद सत्तापक्ष और विपक्षी सांसदों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें माहौल काफी हल्का और सौहार्दपूर्ण रहा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा बुलाई गई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। 

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के अनिश्चितकाल के लिए समाप्त होने के बाद भारतीय राजनीति का एक अलग और सकारात्मक चेहरा देखने को मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई एक विशेष बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों ने चाय पर बातचीत की और इस दौरान ऐसा खुशनुमा माहौल देखने को मिला, जो आमतौर पर संसद के भीतर दुर्लभ होता है। इस बैठक की सबसे खास तस्वीरें तब सामने आईं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा एक ही बात पर ठहाके लगाते नजर आए।

स्पीकर की पहल, बदली सियासी फिज़ा

शुक्रवार को संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने चैंबर में यह अनौपचारिक बैठक आयोजित की। इसका उद्देश्य सत्र के दौरान हुई कार्यवाही के बाद सांसदों के बीच संवाद और सौहार्द को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न दलों के वरिष्ठ सांसद शामिल हुए।

विपक्ष की ओर से इस बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नेतृत्व किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की गैरमौजूदगी में प्रियंका गांधी की मौजूदगी ने इस बैठक को और भी खास बना दिया।

चाय पर चर्चा और ठहाकों की गूंज

संसद सत्र के बाद बदला माहौल: स्पीकर की बैठक में पीएम मोदी और प्रियंका गांधी के ठहाके, दिखा राजनीति का सौम्य रूप

स्पीकर के चैंबर में हुई यह बैठक पूरी तरह अनौपचारिक रही। सांसदों ने चाय के साथ बातचीत की और कई मौकों पर हंसी-ठहाकों का दौर चला। खास बात यह रही कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रियंका गांधी भी ठहाके लगाते दिखे। राजनीति के अक्सर तल्ख माहौल के उलट यह दृश्य यह दिखाता है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद और सौहार्द की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।

हालांकि बैठक का पूरा एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें सत्र के अनुभव, संसदीय मर्यादाओं और भविष्य में सदन को और अधिक सुचारू ढंग से चलाने जैसे विषयों पर हल्की-फुल्की चर्चा हुई।

संसद सत्र में पास हुए अहम विधेयक

इस बैठक की पृष्ठभूमि इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए हैं। इनमें मनरेगा की जगह लाया गया ‘विकसित भारत जी राम जी बिल’, न्यूक्लियर सेक्टर से जुड़ा SHANTI Bill 2025, और इंश्योरेंस सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी देने वाला विधेयक शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के विदेश दौरे से लौटे हैं और उनके लौटते ही संसद का यह सत्र संपन्न हुआ। जहां एक ओर स्पीकर की बैठक में सौहार्द का माहौल दिखा, वहीं दूसरी ओर विपक्ष खासकर कांग्रेस ने ‘विकसित भारत जी राम जी’ बिल का कड़ा विरोध किया है। विपक्ष का आरोप है कि इस बदलाव से महात्मा गांधी के नाम और मनरेगा की मूल भावना को कमजोर किया गया है।

राहुल गांधी ने विदेश से ही इस विधेयक पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखते हुए कहा कि यह बदलाव अधिकार-आधारित और मांग-आधारित गारंटी को खत्म करता है और इसे केंद्र से नियंत्रित योजना में बदल देता है, जो राज्यों और गांवों के खिलाफ है।

 

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