संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। भारत के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को घेरते हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फैलाए जा रहे झूठ, जम्मू-कश्मीर मुद्दे, आतंकवाद और 27वें संशोधन जैसे विषयों पर तीखा प्रहार किया।
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद, झूठे प्रचार और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने को लेकर सख्त लहजे में घेरा है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा भारत और उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाना है, और वह आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करता रहा है।
आतंकवाद और झूठे दावों पर भारत की दो टूक
संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान द्वारा तथाकथित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर किए गए दावों को पूरी तरह भ्रामक और झूठा बताया। हरीश ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल सच्चाई छिपाने और गलत सूचनाएं फैलाने के लिए कर रहा है, जिसे अब वैश्विक समुदाय भली-भांति समझ चुका है।
उन्होंने कहा, हमारे देश और हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाना पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा बन चुका है। वह लगातार झूठे आरोप लगाता है और आतंकवाद को छिपाने की कोशिश करता है।

ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष
भारतीय राजदूत ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 9 मई 2025 तक पाकिस्तान लगातार भारत को हमले की धमकियां दे रहा था, लेकिन 10 मई को अचानक पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना से संपर्क कर संघर्षविराम (सीजफायर) की अपील की। हरीश के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और एयरबेस को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय किया। क्षतिग्रस्त रनवे और जले हुए हैंगरों की तस्वीरें सार्वजनिक की जा चुकी हैं, जो पाकिस्तान के दावों की सच्चाई खुद बयान करती हैं।”
भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उसके क्षेत्र में आतंकवाद पनपता रहेगा, तब तक क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति की बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के प्रतिनिधि भले ही हालात सामान्य होने का दावा करें, लेकिन जब तक आतंकवाद को संरक्षण दिया जाता रहेगा, तब तक कुछ भी सामान्य नहीं हो सकता। आतंकवाद को हथियार बनाकर इस्तेमाल करना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर पर भारत का स्पष्ट रुख
जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर अपना रुख दोहराया। राजदूत हरीश ने कहा कि यह विषय भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा। संयुक्त राष्ट्र का मंच आतंकवाद को वैधता देने या भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
भारत ने पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन पर भी गंभीर सवाल उठाए। भारतीय राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान को आत्मनिरीक्षण करने की सख्त आवश्यकता है और इसकी शुरुआत इसी संशोधन से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संशोधन के माध्यम से सेना को सत्ता पर कब्जा बनाए रखने और कुछ चुनिंदा लोगों को आजीवन सत्ता में बनाए रखने का रास्ता दिया गया है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा है।










